पाटन। जिले के अकतई, चारभाटा एवं रीवागहन ग्राम पंचायतों में जनवरी माह का राशन अब तक वितरित नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। स्थिति यह है कि 150 से अधिक हितग्राही चावल और शक्कर प्राप्त करने के लिए उचित मूल्य दुकान के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें अब तक राशन नहीं मिल सका है।
मामला गंभीर होता देख संबंधित ग्राम पंचायत की सरपंच ने इस संबंध में कलेक्टर दुर्ग को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन द्वारा जनवरी माह के लिए आबंटित राशन होने के बावजूद हितग्राहियों को वितरण नहीं किया गया, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद न तो उचित मूल्य दुकान संचालक और न ही विभागीय अधिकारी स्पष्ट जवाब दे पा रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जनवरी माह के लिए हितग्राहियों को आबंटित चावल और शक्कर आखिर कहां गायब हो गई? यदि राशन का आबंटन हुआ है तो वितरण क्यों नहीं हुआ, और यदि नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है—यह जांच का विषय बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द उन्हें उनका हक का राशन उपलब्ध कराया जाए।







