दुर्गग्रामीण । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चो को सुपोषित करने तथा एनिमिक महिलाओं को खून की कमी से मुक्त करने 2 अक्टूबर 2019 से अभियान प्रारंभ किया गया है इसके क्रियान्वयन का प्रतिफल अब गांवों में नजर आ रहा है अब बच्चे धीरे धीरे कुपोषण के अभिशाप से निकलते जा रहे है ।अजय कुमार साहू परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत अभियान के प्रथम चरण से ही छोटी छोटी किंतु आवश्यक बातों पर हितग्राहियों का ध्यान केंद्रित करने का प्रयास किया गया, जिसमें अधिकांशतः आंगनवाड़ी केन्द्र में मुनगा का पेड़ लगाया गया और नियमित रुप से भोजन में उसे शामिल किया गया, जगह की उपलब्धता अनुसार लगभग 32 अंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका भी तैयार किया गया जिससे स्थानीय स्तर पर केंद्र में ही बच्चों और एनीमिक महिलाओं के लिए हरी सब्जियां और भाजियां उपलब्ध हो सके ।पोषण टुकनी केंद्रों में रखी गई जिसमें ग्रामीण जन समय समय पर बच्चों के लिए अपनी क्षमता और स्वेकक्षा से सब्जी, भाजी,फल का सहयोग करते हैं। इन सबके के अलावा आभियान के दौरान गृहभेट के माध्यम से मुख्य रूप से व्यवहार परिवर्तन पर अधिक कार्य किया गया । एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रथम चरण में 1400 कुपोषित में से 686बच्चे सामान्य (49 प्रतिशत) , द्वितीय चरण में 881कुपोषित बच्चे में से 424 (48 प्रतिशत) एवं तृतीय चरण में कुल 717 कुपोषित बच्चे में से 303 (42 प्रतिशत)सामान्य श्रेणी में आए है । मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तीनों चरणों के परिणामस्वरूप 3 ग्राम पंचायत तिरगा , भटगांव और चिरपोटी पूर्ण रूप से कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत बन गए है। अभियान में पर्यवेक्षको , कार्यकर्ताओं , महिला समूहों , जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण जनों के सहयोग से परियोजना क्षेत्र के 48 आंगनवाड़ी केंद्र कुपोषण के अभिशाप से निकल गए है ।कोरोना संक्रमण के चलते आंगनवाड़ी की सेवाएं प्रभावित हुई पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी प्रतिदिन गृह भेंट और पौष्टिक आहार देकर कुपोषण के जाल से बाहर निकाला है । कुपोषण मुक्त आंगनवाड़ी केंद्र में सेक्टर हनोदा के 04 आंगनवाड़ी केंद्र भानपुरी केंद्र क्रमांक 2, कोड़िया 2,पाउवारा 3 ,हनोदा 3 । सेक्टर नगपुरा के 10 आंगनवाड़ी केंद्र ढाबा 1 व 2 ,नगपुरा 1, बोराई 3 व 4,बेलोदी 2 , भेड़सर 1 व 2 ,अंजोरा डाबा 2 व 3 कुपोषण से मुक्त हो गए है ।सेक्टर अंजोरा के 5 आंगनवाड़ी झोला 1, थनोद 2, चंगोरी 2 ,तिरगा 1 व 2 कुपोषण से बाहर आ चुके है । उतई सेक्टर के 4 केंद्र चिरपोटी 1 व 2 ,उतई 3 व 4 कुपोषण मुक्त हो गए है ।जेवरा सेक्टर के 9 आंगनवाड़ी पूर्णत कुपोषण से बाहर आ गए है जेवरा 2 व 3 ,सिरसा 1 व 2,भटगांव 1 व 2 , करंजा भिलाई 2 ,3 । सेक्टर रसमड़ा में 4 केंद्र कोटनी 1, खुरसुल 2 व 3 , मोहलाई 1 ।सेक्टर अंडा के 6 केंद्र जजंगिरी 1,2 व 3 ,विनायकपुर 2 व 3, आलबरस 3 ।सेक्टर ननकट्टी के 6 आंगनवाड़ी केंद्र कुपोषण से बाहर आ गए है रवेलीडीह 1, बोडेगांव 1, अरसनारा 3 ,बासीन 2 , खेदामारा 2 , ढोर 5 ।
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के बेहतर क्रियान्वयन से ही परियोजना के लगभग 22 प्रतिशत केंद्र कुपोषण के अभिशाप से मुक्त हो गए है ।