
पाटन। विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। पाटन ब्लॉक के ग्राम चंगोरी में पखवाड़े भर पहले ही निर्मित सीसी रोड की ऊपरी परत उखड़ने लगी है। सड़क से धूल उड़ रही है और जगह-जगह गिट्टी दिखाई देने लगी है। सड़क की यह स्थिति देखकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम चंगोरी में सीसी रोड निर्माण के लिए सांसद निधि से सात लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत प्राधिकरण से दस लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। ग्राम पंचायत द्वारा इस सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। लेकिन निर्माण के महज 15 दिनों के भीतर ही सीसी रोड की ऊपरी परत खराब होने लगी है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा सीसी रोड का निर्माण निर्धारित एस्टीमेट और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि सीसी रोड निर्माण के बाद से नियमानुसार पानी की तराई भी नहीं की गई। यही वजह है कि हल्की बारिश के बाद भी सीसी रोड की ऊपरी परत से धूल निकलने लगी है और कई स्थानों पर गिट्टी उभरकर सामने आ गई है।


ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और एस्टीमेट के अनुसार कार्य होने की पुष्टि के बाद ही संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जाए। उनका कहना है कि सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि सीसी रोड लंबे समय तक टिकाऊ रहे।
इस संबंध में संबंधित उपयंत्री से भी चर्चा की गई। उन्होंने एस्टीमेट देखने के बाद ही निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी दे पाने की बात कही है।

अब जांच और कार्रवाई का इंतजार
महज करीब पखवाड़े भर में सीसी रोड की हालत खराब होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराता है या नहीं और जांच में अगर गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने तो क्या कार्रवाई की जाती है।






