सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती पर भव्य आयोजन: गभरा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब”


पाटन।
बाबा गुरु घासीदास जी का दिव्य संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समरसता और मानवीय गरिमा की आधारशिला है। उन्होंने अंधविश्वास, भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध समाज को जागृत कर सत्य, अहिंसा और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त किया।

आज के समय में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त, समतामूलक और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। इस पावन अवसर पर हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलने, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा मानवता की सेवा के लिए संकल्पित हों।

सतनाम युवा संगठन, गभरा
आप सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।