पंडरिया।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम गौरकापा धाम के शनि मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र सहित दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपने पूज्य गुरु महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गौरकापा धाम पहुंचे।कार्यक्रम का आयोजन मंदिर के थानापति महंत विवेक गिरि महाराज के पावन सान्निध्य एवं महंत निजानंद महाराज के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार किया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था एवं श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना की तथा गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।गौरकापा धाम शनि मंदिर का धार्मिक एवं आध्यात्मिक इतिहास क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है। वर्षों से यह पावन धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, सत्संग, भजन-कीर्तन एवं सेवा कार्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव, भाईचारे और जनकल्याण का संदेश देते हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध, ज्ञान, संस्कार एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति एवं श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने परिवार, समाज एवं देश की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए गुरु परंपरा की गरिमा को और अधिक सशक्त बनाया।
मंदिर प्रबंधन एवं सेवकों द्वारा श्रद्धालुओं के दर्शन, व्यवस्था एवं सेवा के लिए विशेष प्रबंध किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इस अवसर पर विनोद पुरी गोस्वामी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सम्मान, श्रद्धा और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने का पावन अवसर है। गौरकापा धाम की यह आध्यात्मिक परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म, सेवा, संस्कार और सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करती रहेगी।







