जशपुर । 45 हाथियों के उत्पात से धान की फसल को बचाने मशाल व पटाखों के साथ रतजगा कर रहे किसानबादलखोल अभयारण्य से लगे गांवों में हाथियों का उत्पात जारी है। सरगुजा के लुंड्रा से पहुंचे 45 हाथियों के दल की वजह से बीते चार दिनों से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। रनपुर, तम्बकछार, कुदमुरा, दोन्द्रोंघाट, करमा चुल्हापानी, समेत क्षेत्र के दर्जन भर गांव के ग्रामीण हाथियों के आतंक से परेशान हैं। बीती रात 45 हाथियों के दल तांबाकछार के जंगल से सटे खेतों में जमकर उत्पात मचाया। यहां धान की खड़ी फसलों नुकसान भी पहुंचाया।इसके बाद किसान पकी हुई धान बचाने के लिए हाथों में मशाल पटाखे और लाइट की रोशनी लेकर रात भर गांव के सीमावर्ती क्षेत्र में रतजगा करते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के दल के आ जाने के तुरंत बाद उन्होंने वन विभाग को सूचित कर दिया था। पिछले कई दिनों से हाथियों का यह दल बगीचा वन परिक्षेत्र में मौजूद था। यह दल गुरुवार को झिक्की के जंगल में विचरण कर रहा था।दल की मौजूदगी काे देखते हुए आसपास के छह गांव व उसके दाे दर्जन से अधिक मजरा-टोलों को वन विभाग ने मुनादी कर अलर्ट किया था। हाथियों की वजह से फसलों को तो नुकसान पहुंच ही रहा है, पर हर वक्त इनकी माैजूदगी से जनहानि का भी खतरा क्षेत्र में बना हुअा है। बगीचा इलाके में वर्तमान में धान की फसल पककर तैयार है। किसान कटाई की तैयारी कर रहे हैं। शनिवार की रात हाथियों का दल बादलखोल अभयारण्य से लगे गांवों की ओर रूख कर गया। पिछले चार दिनों में हाथियों ने करीब दो सौ एकड़ फसल बर्बाद कर चुके हैं।हाथियों से हुआ आमना- सामना किसी तरह बचाई लोगों की जान रनपुर निवासी शिवम ने बताया कि वह बीती रात अपने कुछ साथियों के साथ अंबिकापुर से सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर देर रात वापस लौट रहे थे। तभी तांबाकछार के पास हाथियों से उनका आमना-सामना हो गया। बड़ी गाड़ी में होने के बाद हाथियों के बीच से जान जोखिम में डाल कर साहस दिखाई और गाड़ी में बैठे लोगों की जान बचाई। साथ ही रात में एक तरफ से पहरा दे रहे ग्रामीणों ने बाइक सवारों और कार सवारों को रोक कर उनकी जान बचाई, लेकिन दूसरी ओर से किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। जिससे राहगीर अनजाने में में जान जोखिम में डालकर सफर करते रहे।बीती रात 20 एकड़ की धान की फसल को रौंदी रनपुर क्षेत्र के कुदमुरा, डोंडराही नंदोटोली के किसानों की फसल को रौंदने के बाद हाथियों का दल फिलहाल रनपुर के जंगल पहुंच गया है। वन विभाग के नाका ने गांव पहुंचकर 10 एकड़ में हुए फसल नुकसान का मुआवजा प्रकरण तैयार कर रहा है। साथ ही क्षेत्र में अन्य किसानों की फसल भी बर्बाद हुई है। जो लगभग 10 एकड़ से ज्यादा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों को खदेड़ने की वजह से भी खेतों में तैयार धान की फसल को नुकसान हो रहा है।45 हाथियों का यह दल पहाड़ी इलाकों से नीचे उतरा है रात 8 बजे हाथियों के दल ने तीन-चार की टुकड़ियों में हाइवे पार किया था। टीम ने हाथियों के इस दल को सरगुजा के जंगल में भेजने की योजना बनाई थी। शावकों की वजह से हाथियों का दल भटककर उल्टी दिशा में बादलखोल अभयारण्य पहुंच गया। अक्सर हाथी मैदानी इलाकों से पहाड़ की चढ़ाई करता है, लेकिन यह दल पहाड़ी इलाकों से नीचे उतरा है। फिलहाल क्षेत्र में मुनादी कर अलर्ट किया गया है। अशोक सिंह, रेंजर, बगीचा रेंज







