अंडा में महतारी सदन तो बना पर भवन तक जाने के लिए रास्ता ही नही बना,खाली पड़ा है “महतारी सदन” उपयोगिता पर उठ रहे सवाल

अंडा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘महतारी सदन योजना’ जमीनी स्तर पर अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है।

ग्राम पंचायत में एक सर्वसुविधायुक्त ‘महतारी सदन’ भवन का निर्माण किया जाना है। इस भवन में महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों के संचालन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।

लेकिन दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत अंडा में बना महतारी सदन भवन इस योजना की मंशा पर पानी फेर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का निर्माण ऐसी जगह पर किया गया है जहाँ महिलाओं के आने-जाने के लिए न तो पक्का रास्ता है और न ही बैठने, और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि दूर-दराज से प्रशिक्षण लेने आने में उन्हें भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और खराब हो जाती है। सुविधाओं के अभाव के कारण भवन अधिकांश समय बंद रहता है और उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने बताया कि सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन पंचायत द्वारा स्थान का चयन गलत होने से पूरा उद्देश्य विफल हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि भवन को सुलभ स्थान पर शिफ्ट किया जाए या फिर वर्तमान स्थान पर तत्काल रास्ता, बैठने की व्यवस्था की जाए।

इस संबंध में हेमेंद्र चन्द्रकार का कहना है कि शिकायत उच्च अधिकारियों को शिकायत दी गई है। वहीं ग्रामीणों ने विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चन्द्रकार,कलेक्टर, से हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग की है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बना लाखों का यह भवन सिर्फ शोपीस बनकर रह जाएगा।