अण्डा। जय शक्ति आश्रम निकुम तीर्थराज देवी निकुंभला धाम के संचालक एवं संस्थापक संतश्री माताजी की अंतिम यात्रा 17 जून को दोपहर 12 बजे जय शक्ति आश्रम, निकुम से श्रद्धा और भक्ति के माहौल में निकाली गई। इस दौरान क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
संतश्री माताजी के अंतिम संस्कार गृह ग्राम निकुम के मक्तीधाम में किया गया।

संतश्री माताजी के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही आश्रम परिसर में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय रहा और लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
अंतिम यात्रा में क्षेत्र के कई ग्रामीण नेता, पंचायत प्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे और संतश्री माताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभी ने उनके धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा।

संतश्री माताजी के अंतिम यात्रा में ये लोग शामिल थे पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रतिमा चंद्राकर, बालमुकुंद देवांगन, दुर्ग जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, दाऊ बिरेन्द्र दिल्लीवार, कांग्रेस कमेटी ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र देशमुख,योगिता चंद्राकर पूर्व जनपद सदस्य रूपेश देशमुख, कुलदीप देशमुख, मोहन भारदीय, नन्दकुमार साहू, गोपाल चक्रधारी, भूपेंद्र वर्मा, मुरली, रोशन लाल देशमुख, भूवन लाल देशमुख सरपंच आलबरस, भागवत पटेल सरपंच निकुम सहित आस पास के ग्रामीण जन हंजारो की संख्या में उपस्थित थे।
संतश्री माताजी ने अपने जीवनकाल में जय शक्ति आश्रम के माध्यम से धर्म, सेवा और मानव कल्याण के अनेक कार्य किए। उनके मार्गदर्शन में कई धार्मिक आयोजन, सेवा कार्य और जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित होते रहे। उनके निधन से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ यह दर्शाती है कि लोगों के दिलों में उनके प्रति कितनी गहरी श्रद्धा और सम्मान था।






