रायपुर में निकली विशाल कांवड़ यात्रा,कांवड़ियों ने किया हटकेश्वरनाथ का जलाभिषेक, CM, सांसद और विधायक हुए शामिल

रायपुर।राजधानी रायपुर में रविवार को विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत के नेतृत्व में आयोजित यात्रा में करीब 10 हजार कांवड़ियों ने हिस्सा लिया। करीब 13 किलोमीटर की यात्रा लगभग छह घंटे में पूरी हुई। महादेव घाट पहुंचकर शिवभक्तों ने बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा जनकल्याण की कामना की।

एक समान परिधान में कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों के साथ डमरू और ढोल की गूंज तथा “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा यात्रा मार्ग गूंजता रहा। यात्रा के रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक मौजूद रहे।

विशाल कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी और रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वयं कांवड़ उठाकर शिवभक्तों के साथ यात्रा में कदम बढ़ाए। जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य श्रद्धालुओं तक सभी एक समान परिधान और एक ही जयघोष के साथ आगे बढ़ते नजर आए। इससे यात्रा सामाजिक समरसता और सामूहिक आस्था का बड़ा उत्सव बन गई।

21 पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ कांवड़ पूजन

यात्रा की शुरुआत मारुति मंगलम, गुढ़ियारी से हुई। इससे पहले विधि-विधान से कांवड़ पूजन और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया गया। भिलाई के कान्हा जी महाराज के सान्निध्य में 21 पंडितों की टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कांवड़ का पूजन कराया और मारुति मंगलम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक किया।

इस अनुष्ठान के लिए छत्तीसगढ़ की पांच नदियों का पवित्र जल लाया गया था। मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच जल का पूजन किया गया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने कांवड़ उठाई और बाबा हटकेश्वरनाथ के जलाभिषेक के संकल्प के साथ यात्रा शुरू की।

देशभर के कलाकारों ने बांधा समां

इस बार कांवड़ यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ देश की सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश की महाकाल-अघोरी और महाकाली टीम, दिल्ली की महाकाल अघोरी टीम, विशाल नंदी, केरल का भरतनाट्यम, ट्रेडिशनल बैंड, तांबूलम डांस, टाइगर डांस और कांतारा प्रस्तुति, उज्जैन की डमरू महाकाल सवारी तथा महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध नागपुर ढोल ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा खड़गपुर की मां काली टीम और ओडिशा के कटप्पा ग्रुप, दुलदुली बाजा और घंटा धुमाल ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।

छत्तीसगढ़ की लोक-सांस्कृतिक छटा भी यात्रा में दिखाई दी। अंबिकापुर-कोरबा की अघोरी टीम, बेंद्री के लोक कलाकारों की शिव परिवार प्रस्तुति, दुर्ग की गौरी कृपा धुमाल, भिलाई की धन्नू धुमाल, रायपुर की राधा रानी धुमाल, महाकाल-अघोरी टीम और पारंपरिक नृत्य दलों ने यात्रा में रंग भर दिया।