पाटन। व्यवहार न्यायालय पाटन में मिडियेशन 3.0 एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता अपर सत्र न्यायाधीश एवं तालुका विधिक सेवा समिति, पाटन के अध्यक्ष माननीय श्री दुलार सिंह निर्मलकर ने की। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ता संघ एवं अन्य अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए मिडियेशन 3.0 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मिडियेशन के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है। इसके लिए अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे इस अभियान के लाभों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाएं तथा न्यायालय में लंबित अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण मिडियेशन एवं लोक अदालत के माध्यम से कराने में सक्रिय सहयोग दें। साथ ही आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक प्रयास करने का आग्रह भी किया गया।

बैठक में व्यवहार न्यायालय की वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी श्रीमती शीतल निकुंज, शासकीय लोक अभिभाषक शेखर वर्मा सहित वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे। इस अवसर पर दुर्ग-पाटन अधिवक्ता संघ के कार्यकारी सदस्य केशव वर्मा, भूतपूर्व अध्यक्ष दिनेश वर्मा, मिथलेश शुक्ला, लुकेश्वर साहू, तारणी यादव, तनुजा जलक्षत्री, रामेश्वर मेश्राम, अजय मेश्राम, राकेश वर्मा, तुलसी देवांगन सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।






