पाटन।संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) में “सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज–2026” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नवाचार के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करना तथा जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उनके रचनात्मक एवं नवाचारी विचारों को एक उपयुक्त मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को नवाचार के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नवाचार केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, रोजगार, ग्रामीण एवं नगरीय विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवीन, उपयोगी एवं व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “हमारे आसपास की छोटी-बड़ी समस्याओं में ही नवाचार के अवसर छिपे होते हैं। आवश्यकता है उन्हें पहचानने, समाधान विकसित करने और अपने विचार को आगे बढ़ाने की।” उन्होंने महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपने नवाचारी विचारों को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज–2026 के माध्यम से प्रस्तुत करने तथा अपनी प्रतिभा, ज्ञान एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से बेहतर समाज एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ओ. पी. परगनिहा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज–2026 की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने चैलेंज के उद्देश्य, पात्रता, प्रमुख विषयगत क्षेत्रों तथा पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके सरल, व्यावहारिक, प्रभावी एवं नवाचारी समाधान विकसित करने तथा अपने विचारों को इस चैलेंज में पंजीकृत कर अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा नवाचार से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।






