शैलदेवी महाविद्यालय में “पाठ-योजना निर्माण एवं शिक्षण विधि” पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन

अंडा।शैलदेवी महाविद्यालय, अण्डा में बी.एड. एवं डी.एल.एड. में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए “पाठ-योजना निर्माण एवं शिक्षण विधियाँ” विषय पर व्याख्यान का सफल आयोजन हुआ। चेयरमैन, श्री राजन कुमार दुबे, शैलदेवी महाविद्यालय ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सफल व्याख्यान हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. के. नागमणी, सहायक प्राध्यापक, कल्याण महाविद्यालय, भिलाई थे।
व्याख्यान विषय का परिचय देते हुए डॉ. रजनी राय, विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय ने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए पूर्व नियोजित एवं व्यवस्थित कार्य-योजना का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षक-प्रशिक्षण से पूर्व प्रभावी पाठ-योजना निर्माण के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह शिक्षण की विधियों, प्रविधियों एवं प्रक्रियाओं को परिणामदायक बनाता है। उन्होंने वृक्ष के प्राकृतिक विकास का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सीखने एवं अपने ज्ञान को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. के. नागमणी ने अपने व्याख्यान में पाठ-योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षण से पूर्व पाठ-योजना का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लिखित पाठ-योजना संभव न हो, तो मानसिक रूप से अवश्य इसकी रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। उन्होंने ब्लूम टैक्सो नॉमी के विभिन्न आयामों की व्याख्या करते हुए महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित “नई तालीम” के सिद्धांतों को उदाहरण सहित प्रस्तुत किया।
उन्होंने आगे बताया कि “नई तालीम” आधारित पाठ-योजना के माध्यम से विषयों को सरल एवं व्यवहारिक बनाया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों में कौशल एवं सृजनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने बुनियादी शिक्षा के माध्यम से व्यावसायिक कौशल के विकास, सामाजिक, नैतिक एवं वैज्ञानिक मूल्यों के संवर्धन तथा ज्ञानात्मक, भावात्मक एवं क्रियात्मक पक्षों के समन्वय पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को मिट्टी के खिलौने, दीपक एवं अन्य कलात्मक वस्तुओं के निर्माण जैसे सृजनात्मक कार्यों हेतु प्रेरित करना। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विषय की प्रकृति भिन्न होती है, अतः उसके अनुरूप तैयारी करना आवश्यक है। एक प्रभावी पाठ-योजना ही एक सफल शिक्षक और श्रेष्ठ विद्यार्थी के निर्माण का आधार होती है। जिसे सरल, रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया तथा अंत में विद्यार्थियों के प्रश्नों के सारगर्भित उत्तर दिए।
कार्यक्रम का मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री श्यामसुन्दर पटनायक,सहायक प्राध्यापक, शिक्षा संकाय द्वारा किया गया।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।