पंडरिया।जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार एवं कार्यक्रम समन्वयक समवेशी शिक्षा के मार्गदर्शन मे बीआरसीसी भवन में दिव्यांग बच्चों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजन किया गया। जिसमें उनके पालकों एवं सहपाठियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास, जागरूकता एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम में राममुरारी यादव (बीआरसीसी) द्वारा एवं जागरूक पालक अशोक बंजारा,लालजी साहू द्वारा सरस्वती माँ की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।साथ ही बीआरसीसी श्री यादव के द्वारा दिव्यांग बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बच्चों के अधिकार, शैक्षिक सुविधाओं एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया तथा पालकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रेरित किया।


इसके अतिरिक्त विनोद गोस्वामी (बीआरपी) द्वारा इक्कीस प्रकार की दिव्यांगताओं एवं उनके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने प्रत्येक दिव्यांगता की विशेषताओं, पहचान एवं सहयोग के उपायों पर प्रकाश डाला, जिससे उपस्थित पालकों एवं सहपाठियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। बच्चो क़ो उनकी आवश्यकता अनुसार उपकारण एवं अध्ययन सामग्री का वितरण किया गया। उक्त कार्यक्रम मे विकास खंड के शालाओं मे अध्ययनरत दिव्यांग बच्चे उनके पालक एवं सहपाठी उपस्थित हुवे।कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता दूजराम द्वारा प्रदान की गई। उनके सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान संवाद, चर्चा एवं प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, पालकों एवं सहपाठियों को संवेदनशीलता, सहयोग एवं आत्मविश्वास के महत्व से अवगत कराया गया।

उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को जीवन कौशल, संप्रेषण क्षमता, आत्मनिर्भरता एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। वहीं पालकों को बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को समझने, सकारात्मक व्यवहार अपनाने तथा घर-विद्यालय में सहयोगात्मक वातावरण बनाने के उपाय बताए गए। सहपाठियों को समावेशिता, सहयोग और संवेदनशीलता के महत्व पर मार्गदर्शन दिया गया।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियाँ, समूह चर्चा, परामर्श सत्र तथा प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।
आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का आश्वासन दिया, जिससे दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सके।






