बजट में कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी करने का प्रावधान किया गया था,उपचार के लिए जल्द जारी करने की मांग

पंडरिया।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा हाल ही में बजट सत्र के दौरान शासकीय कर्मचारी व अधिकारी के लिए कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी करने का प्रावधान किया गया है।जिसके अंतर्गत शासकीय कर्मचारी व अधिकारी निर्धारित मान्यता प्राप्त निजी व शासकीय अस्पतालों में हेल्थ कार्ड के माध्यम से अपना उपचार करा सकेंगे।शासन द्वारा हेल्थ कार्ड बनाने की घोषणा की गई थी।किंतु अभी तक कार्ड जारी नहीं की गई है।साथ ही इसके संबंध के कोई विस्तृत गाइडलाइन भी जारी नहीं हुई है।कर्मचारी हेल्थ कार्ड द्वारा कैशलेस उपचार का इंतजार कर रहे हैं।तृतीत वर्ग कर्मचारी संघ व शालेय शिक्षक संघक ब्लाक अध्यक्ष मोहन राजपूत ने शासन से मांग की है कि जल्द ही कैशलेश उपचार के लिए हेल्ड कार्ड जारी किए जाना चाहिए।जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सके।उन्होंने बताया कि शासन द्वारा हेल्थ कार्ड जारी करने का प्रावधान बजट सत्र में किया गया था।किंतु प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।शासन से जल्द ही कैशलेस सिस्टम को लागू करने की मांग कर्मचारी कर रहे हैं।
वर्तमान प्रक्रिया जटिल-वर्तमान में शासकीय कर्मचारियों व अधिकारियों तथा परिवार के सदस्यों का उपचार में होने वाले खर्च को शासन द्वारा प्रदान किया जाता है।किंतु इसकी प्रक्रिया जटिल है।उपचार के पूर्व विभाग को सूचना देने पश्चात बिल को सम्बंधित विभाग के कार्यालय में जमा करना पड़ता है।जिसके बाद बिल को जिला चिकित्सालय भेजा जाता है।जिला चिकित्सालय द्वारा परीक्षण कर पुनः बिल व फ़ाइल विभाग को वापस भेजी जाती है।इसके पश्चात शासन से आबंटन की मांग की जाती है।ततपश्चात उपचार में हुए खर्च का 50 से 60 प्रतिशत राशि स्वीकृत हो पाती है।इस पूरे प्रक्रिया में परिस्थिति अनुसार 6 माह से लेकर 1 वर्ष से अधिक समय लग जाता है।इसके चलते बीमार कर्मचारी के उपचार बाधित होती है।साथ ही पैसे के आभाव में अनेक लोग उपचार नहीं करा पाते है।