पंडरिया में धार्मिक अलख: महामाया प्रभातफेरी समिति ने देवियों को अर्पित की भव्य चुनरी, सुख-समृद्धि की कामना

पंडरिया। नवरात्रि के पावन अवसर पर पंडरिया नगर में एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। पंडरिया-महामाया प्रभातफेरी समिति द्वारा सनातनी हिंदुओं में धार्मिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से एक विशाल और अनूठा चुनरी चढ़ावा कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्षों से नगर में भजन-कीर्तन के माध्यम से धर्म की अलख जगाने वाली इस समिति का यह पहला ऐसा आयोजन था, जिसकी चर्चा पूरे शहर में जोरों पर है।

शीतला मंदिर से शुरू हुई यात्रा, बैरासनी चौक होते हुए पहुंची महामाया मंदिर
इस भव्य चुनरी यात्रा की शुरुआत पंडरिया के राजा साहब द्वारा स्थापित ऐतिहासिक और विख्यात शीतला मंदिर से हुई। माँ शीतला को पहली चुनरी अर्पित करने के बाद, सैकड़ों की संख्या में उपस्थित मातृशक्तियों और भक्तों का हुजूम जसगीत, ढोल-मंजीरे और झांझ की भक्तिमय धुनों के साथ आगे बढ़ा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से गूंजते आदिशक्ति के भजनों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।

इसके बाद, यात्रा बैरासीन चौक पहुंची, जहां भक्तों ने चुनरी को फैलाकर माँ बैरासनी देवी को चुनरी भेंट की। वहां से जसगीत गाते हुए भक्तजन नगर के मुख्य आराध्य स्थल माँ महामाया देवी मंदिर पहुंचे। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद आदिशक्ति माँ महामाया को भव्य चुनरी चढ़ाई गई। समिति और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से माँ से पूरे पंडरिया क्षेत्र में सुख, समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की।

वर्षों से जारी है समिति की अनूठी दिनचर्या
गौरतलब है कि महामाया प्रभातफेरी समिति पिछले कई वर्षों से प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से 7:00 बजे तक नगर के अलग-अलग वार्डों में भ्रमण करती है। इस दौरान संगीतमय रामनामी, भजन, कीर्तन और जसगीत के माध्यम से लोगों को भगवान के नाम का संदेश दिया जाता है। यह प्रभातफेरी प्रतिदिन महामाया मंदिर से शुरू होकर पूरे शहर का चक्कर लगाते हुए वापस वहीं समाप्त होती है, जो अब पंडरिया की एक पहचान बन चुकी है।

प्रमुख जनों सहित सैकड़ों भक्त रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक चुनरी चढ़ावा कार्यक्रम में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष बद्री प्रसाद शुक्ला, ओमप्रकाश गुप्ता, मीनाक्षी सिंह ठाकुर, सीमा ताम्रकार, प्रभा देवांगन, काजल ठाकुर, चंद्र कुमार सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और मातृशक्तियां शामिल हुईं।