बालोद। मानवता, सामाजिक एकजुटता और पारदर्शिता का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए सामाजिक आर्थिक सहयोग ग्रुप यादव ठेठवार समाज छत्तीसगढ़ आज जरूरतमंदों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुका है। शिक्षक नरोत्तम यदु के प्रयास से शुरू हुई यह मुहिम अब एक बड़े जनसहयोग अभियान में बदल गई है, जिसमें 900 से अधिक सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से सहयोग कर रहे हैं।

इस पहल की शुरुआत एक साधारण व्हाट्सएप ग्रुप से हुई थी, जहां प्रत्येक सदस्य को कम से कम 50 से 100 रुपये तक सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यही छोटी-छोटी राशि आज मिलकर बड़ी मदद बन रही है और कई परिवारों के जीवन में राहत पहुंचा रही है।
इस ग्रुप की सबसे खास बात इसकी पारदर्शी और जिम्मेदार कार्यप्रणाली है। किसी भी जरूरतमंद को सहायता देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल की जाती है, मेडिकल रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही संबंधित व्यक्ति का स्कैनर या बैंक खाता नंबर साझा कर समाज के लोगों से सहयोग की अपील की जाती है, जिससे सही व्यक्ति तक मदद पहुंच सके।
4 लाख से अधिक की सहायता, दर्जनों परिवारों को मिला सहारा
05 जनवरी 2024 से अब तक इस ग्रुप द्वारा कुल ₹3,92,883 की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी थी, जिसमें हाल ही में जीवन यदु (भूमिया) को दी गई ₹11,560 की सहायता जोड़ने पर कुल सहयोग राशि लगभग ₹4,04,443 हो चुकी है।
इस दौरान बीमार, दुर्घटना पीड़ित, आर्थिक रूप से कमजोर, शिक्षा और विवाह जैसी जरूरतों के लिए कई लोगों को सहायता प्रदान की गई।
सहायता प्राप्त करने वाले सामाजिक जनों में शामिल हैं:
उमेश यादव (भीमडोंगरी, बीजागढ़) ₹72,000, श्रीमती लक्ष्मी यादव (गुढ़ियारी, रायपुर) ₹27,500 (कैंसर उपचार), ब्रह्मानंद यादव (कोंडागांव) ₹25,200 (सड़क दुर्घटना), दीपांश यादव (धमतरी) ₹27,000 (कैंसर), पत्रकार दीपक यादव (बालोद) ₹40,000, रमेश यादव (भाटापारा) ₹8,500 (हृदयाघात इलाज), कमला यादव (मैनपाट) ₹4,000, कुणाल यादव (बेरला, बेमेतरा) ₹4,400 (बोन मैरो ट्रांसप्लांट), श्रीराम यादव (बीजागढ़) ₹17,500, शिवराम रमेश (बीजागढ़) ₹10,500, अनिल यादव (फिंगेश्वर) ₹22,800, नकुल यादव (बोदल, पाटन) ₹8,700, प्रदीप यादव एवं विजय यादव (कन्हेरा, रायपुर) ₹3,616, कल्पना यादव (गाड़ाडीह, पाटन) ₹43,200 (विवाह), ओमकल्याण यादव (पांगरी, गुंडरदेही) ₹17,500, गजेन्द्र यादव (बीजाभाठ, बेमेतरा) ₹10,100, सोहन यादव (खोपली, उतई) ₹10,000 (शिक्षा), विष्णु यादव (बारगांव, धमधा) ₹17,067, रवि यदु (केसली, हथबंद, भाटापारा) ₹4,300 (इलाज), श्रीमती बिमला यादव (भूमियाखोनापार, रायपुर) ₹11,500 तथा हाल ही में जीवन यदु (भूमिया) को ₹11,560 की सहायता प्रदान की गई।
समाज के लिए प्रेरणा बनी पहल
यह पहल साबित करती है कि अगर समाज एकजुट हो जाए, तो छोटी-छोटी मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
ग्रुप द्वारा सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया है कि आपके सहयोग से ही यह सेवा कार्य निरंतर जारी है और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंच रही है।
शिक्षक नरोत्तम यदु की यह पहल आज समाज के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है, जहां तकनीक (व्हाट्सएप) और मानवीय संवेदनाओं के संगम से सच्ची सेवा का कार्य किया जा रहा है।
शिक्षक साथियों के लिए भी ऐसा ही बना है एक ग्रुप, करते हैं एक दूसरे की मदद
शिक्षक नरोत्तम यदु ने बताया कि जिस तरह हम अपने ठेठवार यादव समाज की जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए ग्रुप बनाकर पहल कर रहे हैं, उसी तरह प्रदेश भर में हमारे शिक्षक साथियों पर आने वाली स्वास्थ्यगत विपत्ति से बचाव के लिए भी एक ग्रुप बनाया गया है। जिसमें लगभग 1000 लोग जुड़े हुए हैं और समय-समय पर इसके जरिए भी हम शिक्षकों की मदद करते आ रहे हैं। बालोद जिला में शिक्षको का ग्रूप संचालित कर सहयोग राशि दिया जा रहा है। उनका मानना है कि
समाज में जब कोई विपरीत परिस्थितियों में गुजर रहा होता है तो उस समय 10 रुपये सहयोग मिल जाए वह संजीवनी से कम नहीं होता है। विपत्ति किसी को बताकर नहीं आती है। कोई व्यक्ति विपत्ति के लिए पैसा इकट्ठा करके नहीं रखते। समाज के कोई व्यक्ति परेशानी से जूझ रहा हो तो हम सभी को मिलकर सहयोग करना चाहिए। सच्चे अर्थों में समाज का अर्थ विपरीत परिस्थितियों में साथ चलने से है। इसी भावना और उद्देश्य के साथ हमने ग्रुप बनाकर मदद पहुंचाने का काम शुरू किया जो निरंतर जारी है।






