संजय साहू /अंडा।राक्षसों के जमीन अथवा आसमान में नहीं मरने जैसे चतुराई वाले वरदानों के किस्से तो आपने पौराणिक कहानियों में जरूर सुने होंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम सिरसिदा में इसे हकीकत के रूप में देखा जा सकता है। अंडा से 7 किलोमीटर और बालोद जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में दशहरा पर रावण का दहन किसी मैदान या जमीन पर नहीं, बल्कि तालाब के पानी के बीचोबीच तैरते हुए किया जाता है। आगामी 20 अक्टूबर (दिन मंगलवार) को इस भव्य और अनूठे आयोजन की गवाह पूरी दुनिया बनेगी।

इस वर्ष भी तालाब के बीचोबीच 40 फीट ऊंचे विशालकाय रावण का पुतला खड़ा कर उसका दहन किया जाएगा। इस दौरान पानी के ऊपर होने वाली भव्य और आकर्षक आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसे देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में ग्रामीण और बाहरी लोग जुटते हैं।
1994 से शुरू हुआ था यह जुनून
आयोजन समिति के सदस्यों तथा पूर्व सरपंच खेमन लाल चन्द्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ अलग करने के जुनून में वर्ष 1994 में पहली बार गांव के युवाओं ने तालाब के बीच रावण का पुतला खड़ा कर उसका दहन किया था। शुरुआती कुछ वर्षों को छोड़ दिया जाए, तो पिछले 28 वर्षों से लगातार यहाँ हर बार 40 फीट ऊंचे पुतले का दहन पानी के बीच किया जा रहा है, जो अब इस क्षेत्र की एक ऐतिहासिक पहचान बन चुका है।
मुख्य अतिथि और आयोजन समिति
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत गुंडरदेही के अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत सिरसिदा की सरपंच श्रीमती सरस्वती इन्द्रजीत चंद्राकर करेंगी।
आदर्श रामलीला मंडली के प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय बद्री प्रसाद ध्रुव की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष कुलेश्वर प्रसाद देवांगन, उपाध्यक्ष नेलशन देवांगन, संकलनकर्ता कृष्ण कुमार चंद्राकर और संचालक ढाल सिंह चंद्राकर सहित आदर्श रामलीला मंडली के सदस्य तोरण गिरधर, प्रेमलाल, धर्मराज, खिल्लू, गुलाब, कोमेंद्र, रितेश, जितेश्वर चार्ली, तानु देवेन्द्र, छन्नु धन्ना, गौरव, यश साहू, यशवंत, भरत, राजेन्द्र यादव, कुलदीप, अश्वनी, तुलेश्वर, रामकृष्ण, मिलन, खिलेंद्र, आत्मा साहू, लक्ष्मण, खेमन, गणेशराम शर्मा, गजानंद, ओंकार, अक्षय, प्रहलाद, लवण, रामगोपाल, चंद्र प्रकाश, टोमेन्द्र, डोगेन्द्र और बालगोविंद रात-दिन तैयारियों में जुटे हुए हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तिहार’ का आकर्षण
समिति ने बताया कि रावण दहन की भव्य रस्म के बाद, दर्शकों के मनोरंजन के लिए रात्रि कालीन 10:00 बजे से छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘तिहार छाती धमतरी’ की रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों से इस अद्भुत दृश्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए सपरिवार पधारने का आग्रह किया है।






