कांकेर जिले के विकासखण्ड अंतागढ़ के चर्चित पर्यटन स्थल चर्रे–मर्रे जलप्रपात में रविवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक जलप्रपात में डूबे युवक का शव बरामद नही किया गया है।

कांकेर जिले के विकासखण्ड अंतागढ़ के चर्चित पर्यटन स्थल चर्रे–मर्रे जलप्रपात में रविवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक जलप्रपात में डूबे युवक का शव बरामद नही किया गया है। आज भी दिन भर रेस्क्यू अभियान चलाया गया शाम होते ही अंधेरे के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया है।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी 32 वर्षीय श्याम सुन्दर, जो एक्सिस बैंक शाखा पानीडोबिर में कार्यरत थे, अपने साथी कृष्ण कुमार सोनी को बचाने के लिए पानी में उतरे और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए। घटना कल शाम 5 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार कृष्ण कुमार अचानक तेज धारा में बहते हुए गहराई में चले गए। स्थिति गंभीर देख श्याम सुन्दर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे, जबकि उन्हें तैरना नहीं आता था। इसी बीच स्टाफ के चंदन सिंहा ने संघर्ष कर रहे कृष्ण कुमार को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन श्याम सुन्दर धारा में बह गए।कृष्ण कुमार की हालत नाज़ुक थी, उन्हें प्राथमिक उपचार देकर स्थिर कर लिया गया।
वहीं श्याम सुन्दर की खोज के लिए वन विभाग, पुलिस, तहसीलदार व गोताखोरों की टीम तुरंत रात तक अभियान में जुटी रही, परंतु अंधेरा और बढ़ता जलस्तर बाधा बने और रविवार देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।सोमवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया है। गोताखोरों का मानना है कि तेज प्रवाह के कारण युवक दूर तक बह गया हो सकता है, या जलप्रपात के नीचे गहरी दरारों में फंसा हो सकता है। समाचार लिखे जाने तक, शाम 7 बजे तक शव बरामद नहीं हुआ था और रेस्क्यू टीम लगातार प्रयासरत है। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर जलप्रपात में सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरी तरह केंद्रित है।






