नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास, अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा

पाटन।

पाटन स्थित अपर सत्र न्यायालय ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। मामला अमलेश्वर थाना क्षेत्र का है। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने प्रभावी पैरवी की।

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की दादी ने अमलेश्वर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ रसोई (किचन) में दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी इससे पहले भी कई बार बच्ची के साथ दुष्कर्म कर चुका था। आरोपी पीड़िता को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था, जिससे वह भयभीत रहती थी।

रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन आरोपी किचन में नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान पीड़िता के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी दादी मौके पर पहुंची और बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर सीधे अमलेश्वर थाना ले गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को कठोर दंड से दंडित किया।