22 साल बाद फिर सजा स्कूल वाला आंगन, गुरुओं से मिले पुराने छात्र

मोरीद विद्यालय के 2003-04 बैच के पूर्व विद्यार्थी मिले, सम्मान के साथ ताजा हुई यादें

स्कूल की घंटी, दोस्तों की शरारतें, शिक्षकों की डांट और सीख… जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिनों की यही यादें एक बार फिर जीवंत हो उठीं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोरिद विद्यालय में वर्ष 2003-04 में अध्ययन कर चुके छात्र-छात्राओं ने मोरिद विद्यालय के प्रांगण में गुरु शिष्य पुनर्मिलन समारोह- 15अगस्त 2026 को आयोजन किया। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले साथियों और अपने गुरुओं के बीच ऐसा भावनात्मक माहौल बना कि कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

समारोह में पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालयीन जीवन की खट्टी-मीठी यादें साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक दौर रहा। उन्होंने बताया कि आज वे जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत हैं, लेकिन उनकी सफलता की नींव इसी विद्यालय में रखी गई थी। पुराने किस्सों और यादों के बीच हंसी-ठिठोली का दौर भी चलता रहा और पूरा माहौल आत्मीयता से भर गया।
इस अवसर पर अपने पूर्व विद्यार्थियों से सम्मान पाकर शिक्षकगण भी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त दौर में विद्यार्थियों का वर्षों बाद अपने गुरुओं को याद करना, उन्हें एक मंच पर बुलाकर सम्मानित करना और स्नेह देना अपने आप में अनमोल अनुभव है। शिक्षकों ने कहा कि यह सम्मान उनके जीवन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा और इसकी यादें हमेशा उनके स्मृति-पटल पर अंकित रहेंगी।
विद्यार्थियों ने सभी शिक्षकगण का श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। समारोह में शिक्षक श्री हेमन लाल हिरवानी, श्री पंकज साहू, श्री रिखी राम ठाकुर, श्री गौकरण सिंह वर्मा, श्री नंद राम वर्मा, श्री अशोक यादव, श्री मोती लाल वर्मा, श्री रोशन साहू एवं श्री वेद प्रकाश साहू का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों द्वारा दी गई शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन ने उनके जीवन को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्षों बाद गुरुजनों के साथ बिताए इन पलों ने सभी को अपने स्कूली दिनों की यादों में वापस पहुंचा दिया।
पुनर्मिलन महोत्सव को सफल बनाने में 2003-04 बैच के समस्त सहपाठियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभाला और वर्षों बाद मिले साथियों एवं गुरुजनों के साथ यादगार समय बिताया। समारोह के अंत में सभी पूर्व विद्यार्थियों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से आपसी स्नेह, मित्रता और गुरु-शिष्य संबंधों को बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस आयोजन मे मुख्य रूप से शिष्य जगदीश, अभिषेक, खिलेंद्र, प्रमोद , लीलाधर,नागेश ,आशीष, संदीप, महेश, पारसमणी,चेतन,नितिन, तुकाराम,भानु, ओमप्रकाश, दूजराम गिरिराज,गोविंदा,अजीत, महेंद्र,हुलेश्वर,प्रियंका,दीपिका, योगिता, रत्ना,सुमन, अर्चना एवं अन्य पूर्व विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।






