पाटन। ग्राम पंचायत तेली गुंडरा के सरपंच मनीष पटेल के।द्वारा कराए गए कार्यों की जांच सहित अन्य विषय भी ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत किया है। आज जब नोटिस का तमिल करने राजस्व विभाग के कर्मचारी पंचायत में गए तो सरपंच ने वहा पर मौजूद ग्रामीणों से ही गाली गलौच शुरू कर दिया। जानकारी मिली हैं की कुछ ग्रामीण अब इसकी शिकायत थाना में करने जा रहे है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने एसडीएम को जो ज्ञापन सौपा है उसके अनुसार
ग्राम के सरपंच मनीष पटेल ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा, तहसील – पाटन, जिला दुर्ग (छ ग) के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुये गाँव के समतल भूमि को बिना पंचायत प्रस्ताव के अपने स्वयं के लाभ के लिए अवैध रूप से मुरुम उत्खनन किया जा रहा है। गांव के डबरी व खनती तालाब, बड़े बांधा, गेंहू बांध को अवैध रूप से खोद कर मुरुम बेचने का काम किया है। जो कि छ.ग. गौण खनिज नियम 2015 के 71(5) के विरुध्द है। आवेदन में लिखा है की सरपंच मनीष पटेल के द्वारा गाँव के घास जमीन को अवैध रूप से दो एकड़ भूमि को कब्जा करके मकान और खलिहान बना लिया है। संवैधानिक पद पर आसीन रहते हुये गाँव वालो को डरा धमकाकर उक्त कार्य को अंजाम दे रहा है। पंचायत के द्वारा गाँव के विकाश हेतु किए गए निर्माण कार्यों में भी व्यापक रूप से अनियमितता और भ्रस्टाचार किया जा रहा है। शासन के पैसे का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। बिना पंचायत प्रस्ताव के अपने मर्जी से शासन के गाइडलाइन के विपरीत जाकर सब कार्यों को अपने निजी लाभ को ध्यान में रखकर कार्य करते आ रहे है। ग्रामीणों ने बताया की उपरोक्त भ्रस्टाचार और अनियमितता के खिलाफ मनीष पटेल सरपंच का पूर्व में भी दो बार शिकायत दर्ज कराया जा चुका है किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ है । ग्रामीणों ने मांग किया है कि धारा 40 के तहत पद से बर्खास्त करने के उपरांत सूक्ष्मता से जांच करने की कृपा करें एवं कड़ी से कड़ी कार्यवाही करे।

इस विषय में सरपंच मनीष पटेल ने बताया की जब से वे सरपंच बने है तब से शिकायत कर रहे है। जांच हुआ हैनुस्मे भी सब ठीक रिपोर्ट है। सिर्फ परेशान करने के नियत से मुझ पर आरोप लगाकर शिकायत कर रहे है।






