बड़ी मशक्कत के बाद घुंघवा समिति में धान खरीदी शुरू हुई। टोकन की सीमा तो बढ़ा दी गई, लेकिन धान का सत्यापन न होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पढ़िए पूरी खबर..

 
पाटन: सेवा सहकारी समिति घुंघवा में सुबह 11 बजे तक धान की खरीदी शुरू नहीं हो पाई थी। जब यह खबर मीडिया में आई, तो शासन-प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में किसानों के धान को गेट के अंदर करवाकर खरीदी प्रक्रिया शुरू कराई गई। हालांकि, अब भी दर्जनों किसानों का धान गेट के बाहर ही पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, पहले खरीदे गए धान की स्टैकिंग (थप्पियां लगाना) नहीं की गई थी, जिससे केंद्र में जगह की कमी हो गई। आज सुबह से मजदूरों द्वारा स्टैकिंग शुरू करने में देरी हुई, जिसके कारण किसानों की गाड़ियां समय पर अंदर नहीं जा सकीं। खबर फैलते ही एसडीएम पाटन (SDM Patan) ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि धान खरीदी की सीमा (21 क्विंटल प्रति एकड़) अचानक बढ़ा दिए जाने के कारण भारी संख्या में किसान समिति पहुंच रहे हैं। वहीं, धान का सत्यापन (Verification) न होने के कारण तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि खरीदी अब शुरू हो गई है, लेकिन अव्यवस्था को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।