पंडरिया- प्रदेश के अधिकारी व कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केन्द्र की तिथि से महंगाई भत्ता व महंगाई राहत प्राप्त नहीं हो रहा है,जबकि महंगाई दर लगातार बढ़ रही है।ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है।जिसे लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा बुधवार 29 अक्टूबर को ज्ञापन सौपा जाएगा।संघ के जिलाध्यक्ष दीपक ठाकुर ने बताया कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारियों के मंच से तथा अपने घोषणापत्र में “मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी” के नाम से प्रदेश के कर्मचारियों को केन्द्र की तिथि से महंगाई भत्ता पूर्व की एरियर्स राशि सहित देने का वादा किया था। इस सरकार का लगभग दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। किन्तु महंगाई भत्ता के लिए की गई घोषणा, चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने क्रियान्वयन तथा सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ता सहित अन्य भत्तों के पुनरीक्षण पर अमल नहीं किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों से 3% प्रतिशत भत्ता कम मिल रहा है। देश के अन्य भाजपा शासित राज्य अपने कर्मचारियों को केन्द्र के समान जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते के भुगतान का घोषणा/आदेश कर चुकी हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को भी कमेटी गठित कर 100 दिनों के भीतर नियमित करने का वादा किया था, जिस पर भी निर्णय नहीं लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर प्रदेश के कर्मचारियों को उम्मीद थी, कि मध्यप्रदेश से बेहतर आर्थिक स्थिति होगी लेकिन 25 साल बाद भी कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य जहां कर्मचारियों की संख्या 25 लाख से अधिक है, वहां की सरकार अपने अधिकारी एवं कर्मचारियों एवं को केन्द्र की तिथि जुलाई 2025 से 58% महंगाई भत्ता की घोषणा के साथ ही बोनस तथा पेंशनर्स को महंगाई राहत भी दे रही है।सरकार के कर्मचारियों के लिए की गई घोषणा के सभी मुद्दों को लेकर संघ एवं इस संघ से संबद्ध संगठनों के सभी पदाधिकारी अपने विभागीय कर्मचारी साथियो सहित ज्ञापन देने उपस्थित होने की अपील की है।बुधवार को भोजनावकाश दोपहर 1.30 बजे मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर कबीरधाम को ज्ञापन सौंपा जावेगा।







