कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सात दिवसीय विशेष शिविर का हुआ आयोजन

पाटन । कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत 7 दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन दिनांक 23 से 29 मार्च 2022 तक किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओमप्रकाश परगनिहा ने बताया कि 23 मार्च को इस कार्यक्रम के सुभारम्भ के साथ ही स्वयंसेवक पूरी ऊर्जा एवं जोश के साथ सामाजिक सेवा से जुड़े रहे। शिविर के दौरान स्वयंसेवक के साथ ही ग्रामवासियों को योगगुरु श्री तुलाराम वर्माजी के द्वारा प्रातः 1 घंटे के लिए प्रति दिन योगाभ्यास कराया जाता था। फिर स्वयंसेवकों के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामविसियों को जोड़ते हुए स्वच्छता अभियान चलाया जाता था। इसी कड़ी में स्वयंसेवको के द्वारा शासन की विभिन्न योजनायों जैसे नरवा गरवा घुरवा बाड़ी आदि तथा विभिन्न बुराइयों से निजाद पाने हेतु जगरुकता फैलाई गई। स्व सहायता समूह की महिलाओं एवं कृषको हेतु विभिन्न प्रशिक्षणों का आयोजन भी किया गया। प्रत्येक दिवस स्वयंसेवको के द्वारा बच्चों को कुछ देसी खेल जैसे रुमाल झपट्टा एवं अन्य खेल खिलाने के साथ ही शिक्षाप्रद एवं मनोरंजात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता था। आज शिविर के समापन के दिन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे स्वयंसेवकों के साथ ही कृषि महाविद्यालय के अधिकारी कर्मचारियों एवं ग्राम अमलोरी के नवयुवकों के द्वारा लगभग 30 यूनिट रक्तदान किया गया। लोगों में रक्तदान से संबंधित जागरूकता फैलाने के दृष्टिकोण से इस शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामविसियों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही पोषण पखवाड़ा के तहत बच्चों एवं ग्रामविसियों के मध्य पोषण से संबंधित जागरूकता फैलाने हेतु जागरूकता अभियान के साथ ही विभिन्न कार्यक्रम किये गए। इसके साथ ही आज 29 मार्च को इस शिविर का समापन कार्यक्रम रखा गया। समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवको को पुरस्कृत करने के साथ ही अतिथियों के करकमलों से सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र वितरित किये गए। इस दौरान खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भगीदारी करने वाले स्कूली बच्चों को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह के दौरान महाविद्यालय के प्रभारी अधिष्ठाता ने कहा कि पूरे शिविर के दौरान ग्रामवासियों के विशेष सहयोग के कारण ही कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सका। इसके लिए समस्त ग्रामवासी धन्यवाद के पात्र है। पूरे शिविर के दौरान गांव के सरपंच भोजेन्द्र चंद्राकर, कौशल चंद्राकर के साथ ही महाविद्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।