पंडरिया-भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं लोक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को परिचित कराने तथा उनमें सांस्कृतिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, दुल्लापुर बाजार में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अक्ति अक्षय तृतीया पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी संस्कृति के प्रति विशेष लगाव प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा धारण कर गुड्डा-गुड़िया का विधि-विधान से पूजन किया गया। पूजा-अर्चना के साथ लोकगीत, पारंपरिक रस्में एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिससे पूरा विद्यालय परिसर उत्सवमय वातावरण में बदल गया। छात्राओं को अक्ति पर्व के धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह पर्व समृद्धि, सौभाग्य, खुशहाली और पारिवारिक सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है।
विद्यालय की अधीक्षिका कामिनी जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों की जानकारी होना भी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन बालिकाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और उनमें भारतीय संस्कारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का कर्तव्य है।
इस अवसर पर छात्राओं ने अत्यंत उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई। विद्यालय परिवार के समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। आयोजन के अंत में सभी ने मिलकर समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
विद्यालय में आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास, सामाजिक समझ, अनुशासन तथा सांस्कृतिक जागरूकता का विकास हो रहा है, जिससे वे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों में भी समृद्ध बन रही हैं।







