कृषि विज्ञान केंद्र में मनाया गया अक्ति तिहार,संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता अभियान का आयोजन

पाटन।कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग में 20 अप्रैल को “अक्ति तिहार” के अवसर पर दुर्ग जिले के किसानों के लिये संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में “अक्ति तिहार” पूजा अर्चना एवं बीज बोआई का कार्य प्रतिकात्मक रूप ये किया गया।

इस अवसर पर डॉ० विजय जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं जन प्रमुख ने वर्तमान परिस्थितियों में उर्वरकों की अनुपलब्धता अथवा कमी की स्थिति में क्या करें इसकी संपूर्ण जानकारी दी। डॉ० अनिल कुमार वर्मा, अधिष्ठाता, संत विनोबा भावे, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, मर्रा, पाटन द्वारा बताया गया की असंतुलित उर्वरक उपयोग से न केवल फसल उत्पादन प्रभावित होता है बल्कि भूमि की उर्वरता भी घटती है। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के समन्वित उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।

वैज्ञानिक  मनीष कुमार वर्मा ने आगामी खरीफ सीजन में धान की खेती में उर्वरकों के विकल्प जैसे नील हरित काई, नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी., पी.एस.बी., के.एस.बी. जेड.एस.बी.. एजोस्पाईरिलम के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की साथ ही फसल उत्पादन में उन विकल्पों के लाभ एवं लागत के पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। मृदा स्वास्थ्य पर मृदा वैज्ञानिक डॉ० ललिता रामटेके द्वारा वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, एजोला जैसे प्रमुख जैव उर्वरकों के निर्माण एवं उपयोग की विधियों पर विस्तृत प्रायोगिक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने अपने अनुभव साझा किये एवं विशेषज्ञों से विभिन्न समस्याओं के समाधान प्राप्त किये। इस कार्यक्रम में डॉ० ईश्वरी कुमार साहू, डॉ० विनय कुमार नायक, डॉ० कमल नारायण वर्मा, डॉ० नीतू स्वर्णकार, डॉ० आरती टिकरिहा, श्रीमती सृष्टि तिवारी एवं हर्षना चन्द्राकर इत्यादि वैज्ञानिक सहित किसान भाई उपस्थित थे।