पाटन। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम बीजाभाठा में मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। गांव के निवासी संजय कुमार यादव ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उन्होंने मनरेगा के तहत एक भी दिन काम नहीं किया, इसके बावजूद उनके नाम से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर मजदूरी राशि का भुगतान कर दिया गया।

शिकायतकर्ता संजय कुमार यादव ने बताया कि गांव में लगभग एक माह तक मनरेगा का कार्य संचालित हुआ, लेकिन वे किसी भी दिन कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हुए। इसके बावजूद उनके नाम से फोटो अपलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई और उनके बैंक खाते में एक दिन की मजदूरी राशि भी जमा हो गई।
ग्रामीण का आरोप है कि यह पूरा कृत्य रोजगार सहायक द्वारा फर्जी तरीके से किया गया है। उन्होंने बताया कि बाद में रोजगार सहायक ने उनसे संपर्क कर कहा कि गलती से उनके खाते में मजदूरी राशि चली गई है। इसके बाद उनसे 100 रुपये नकद भी वापस ले लिए गए।
मामले की शिकायत जनपद सीईओ से करते हुए संजय यादव ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की गहन जांच कराई जाती है तो मनरेगा कार्यों में और भी अनियमितताओं तथा फर्जी भुगतान के मामलों का खुलासा हो सकता है।
गौरतलब है कि मनरेगा में मजदूरों की उपस्थिति अब ऑनलाइन फोटो के माध्यम से दर्ज की जाती है। ऐसे में बिना काम किए किसी व्यक्ति के नाम से फोटो अपलोड कर भुगतान होना व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
अब देखना होगा कि जनपद पंचायत प्रशासन शिकायत की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और क्या इस मामले में अन्य अनियमितताओं का भी खुलासा हो पाता है।






