पाटन। पाटन ब्लॉक में आगामी कुछ दिनों में एक और शराब दुकान खिलने जा रही हैं। ग्राम पंचायत भरर के सीमा क्षेत्र में घोरारी के पास शराब दुकान खोलने जमीन का चिन्हांकित भी कर लिया गया है। वही अब प्रस्तावित शराब दुकान का विरोध भी शुरू हो गया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि ग्राम पंचायत भरर द्वारा शराब दुकान खोलने का प्रस्ताव भी दिया जा चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने भी शराब दुकान खोलने अनुमति दे दी है। इसके बाद से अब भरर में शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रहा है। लेकिन यहां पर भी विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से बच्चे स्कूल जाते है। महिलाएं खेतों में काम करने जाते है। खेतों के पास ही शराब दुकान खोलने से परेशानी हो सकती है।
सरपंच ने जानकारी दिया कि पहले तो आबकारी विभाग के अधिकारी मार्च माह में गांव आए थे उसके बाद आनन फानन में प्रस्ताव लिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी पता चली तो इसका विरोध शुरू हुआ। जिस दिन प्रस्ताव दिया गया उसके दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में ग्राम की महिलाएं सरपंच के घर में जाकर विरोध किया। इसके बाद शराब दुकान गांव में नहीं खोलने देने की सहमति ग्रामीणों में बनी। पंचायत में एक बार फिर बैठक हुई तो इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाने की खबर है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि शराब दुकान खुलेगा तो गांव में विकास कार्य के लिए पैसे भी आने तथा और भी अन्य लुभावना सरपंच को दिए गए। अब सरपंच सहित ग्रामीण नहीं चाहते कि गांव में शराब दुकान खुले।

रेडिमेट ठेला नुमा दुकान को वापस किया
जानकारी के मुताबिक शासन ने शराब दुकान खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए कुछ दिन पहले ही रेडिमेट ठेलानुमा दुकान को प्रस्तावित स्थल पर लाया गया था। जिसे वहां पर रखने की तैयारी की जा रही थी लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के बाद उसे वापस ले जाना पड़ा। अब फिर से हुए सिरे से वही पर शराब दुकान खोलने की तैयारी होने लगी है। ग्रामीणों खेती के कार्य में व्यवस्त है इसका फायदा भी शासन उठा सकती है।
सरपंच के बेटे और बेटी ने कहा शराब दुकान की नो एंट्री
ग्राम भरर में श्रीमती कौशल्या साहू वर्तमान में सरपंच है। गांव में शराब दुकान खुलने पर उसके बेटे और बेटी ने भी विरोध जताया है। अपने माता पिता को बोला है कि शराब दुकान नहीं खुलना चाहिए। साथ ही सरपंच के पति ने भी कहा कि किसी भी हालात में गांव में शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।






