जिला पंचायत सामान्य सभा में कीर्ति नायक ने पाटन के विकास को लेकर विभागों से मांगा हिसाब….स्कूल, किसान, पेयजल, सड़क, आंगनबाड़ी और राशन व्यवस्था के मुद्दे उठाए

पाटन। पाटन विकासखंड के विकास और ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को लेकर जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा में अपना सख्त और स्पष्ट रुख रखा। 25 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक में उन्होंने पाटन क्षेत्र से जुड़े जनहित के विभिन्न मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए संबंधित विभागों से केवल जानकारी नहीं, बल्कि जवाबदेही, समयबद्ध कार्रवाई और धरातल पर परिणाम की मांग की।

श्रीमती नायक ने स्पष्ट कहा कि पाटन के विकास से जुड़े विषय केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जनता को योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने विभागवार लंबित कार्यों की स्थिति, की गई कार्रवाई और आगामी कार्ययोजना की जानकारी मांगी।

स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर मांगा विद्यालयवार हिसाब

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान श्रीमती कीर्ति नायक ने पाटन क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों में जर्जर शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, बाउंड्रीवाल एवं फर्नीचर की उपलब्धता और वर्तमान स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने सुविधाओं से वंचित विद्यालयों की विद्यालयवार जानकारी, लंबित कार्यों, अब तक की गई कार्रवाई तथा प्रस्तावित कार्ययोजना उपलब्ध कराने की मांग की तथा संबंधित विभागीय अधिकारी से 07 दिवस के भीतर लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।

किसानों को कृषि यंत्र अनुदान में पारदर्शिता की मांग

कृषि विभाग की समीक्षा में अध्यक्ष ने पाटन क्षेत्र के किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर, स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई उपकरण, पंपसेट एवं अन्य कृषि यंत्रों पर दिए जा रहे अनुदान की स्थिति की जानकारी मांगी।

उन्होंने किसानवार एवं यंत्रवार स्वीकृति, वितरित यंत्रों की संख्या, अनुदान राशि तथा लंबित आवेदनों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसान तक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पहुंचना चाहिए।

पेयजल कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से पाटन क्षेत्र में स्वीकृत, प्रगतिरत, पूर्ण एवं अपूर्ण पेयजल कार्यों की ग्रामवार एवं कार्यवार जानकारी मांगी गई।

अध्यक्ष ने लंबित कार्यों के कारण, वर्तमान स्थिति और उनके निराकरण के लिए प्रस्तावित समयबद्ध कार्ययोजना की जानकारी भी प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि पेयजल हर परिवार की मूलभूत आवश्यकता है, इसलिए इससे जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

तीन महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्गों को पीएमजीएसवाई में शामिल करने की मांग

ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रीमती नायक ने ग्राम सांतरा से छाटा, ग्राम सिकोला से ठकुराइन टोला एवं ग्राम गुजरा से मटिया तक नवीन सड़क निर्माण कार्यों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृति हेतु प्रस्तावित करने की मांग रखी।

उन्होंने संबंधित विभाग से इन मार्गों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं और पोषण आहार पर मांगी जानकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में अध्यक्ष ने पाटन क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, मरम्मत, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर एवं बाउंड्रीवाल जैसी मूलभूत सुविधाओं की केंद्रवार स्थिति मांगी।

इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित रेडी-टू-ईट एवं अन्य पूरक पोषण आहार की वितरण व्यवस्था, संबंधित एजेंसी, वितरण के माध्यम तथा गुणवत्ता जांच की जानकारी भी मांगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने को कहा कि पोषण आहार की गुणवत्ता जांच कब-कब और किस अधिकारी अथवा संस्था द्वारा की गई।

भवनविहीन राशन दुकानों के लिए मांगी ठोस कार्ययोजना

खाद्य विभाग से पाटन क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों की दुकानवार स्थिति मांगी गई। अध्यक्ष ने पूछा कि कितनी दुकानें भवनविहीन हैं और कितनी दुकानों के स्वयं के भवन उपलब्ध हैं।

उन्होंने भवनविहीन दुकानों के लिए भवन निर्माण हेतु अब तक की गई कार्रवाई तथा प्रस्तावित कार्ययोजना का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा, ताकि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा सके।

खनिज विभाग की लगातार अनुपस्थिति पर उठाया गंभीर सवाल

सामान्य सभा में खनिज विभाग की लगातार अनुपस्थिति को लेकर श्रीमती कीर्ति नायक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत पाटन द्वारा बार-बार सूचना एवं बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए जाने के बावजूद खनिज विभाग का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी सामान्य प्रशासन समिति एवं सामान्य सभा की बैठकों में उपस्थित नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण खनिज उत्खनन, अवैध खनन, अवैध परिवहन, रॉयल्टी एवं खनिज मद से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

उन्होंने संबंधित विभाग से लगातार अनुपस्थिति का कारण, पूर्व में जारी सूचनाओं पर की गई कार्रवाई तथा पाटन क्षेत्र में वर्तमान में की जा रही विभागीय कार्रवाई का विवरण मांगा। साथ ही आगामी सामान्य सभा में सक्षम अधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग रखी।

“जनता के सवालों का जवाब और समस्याओं का समाधान जरूरी”

जनपद अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि “जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना भी है। पाटन की जनता ने जिस विश्वास के साथ हमें जिम्मेदारी दी है, उस विश्वास को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। जनता से जुड़े हर जायज मुद्दे को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि “विकास का मूल्यांकन कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों में दिखाई देने वाली सुविधाओं से होना चाहिए। जब बच्चों को बेहतर स्कूल, किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ, ग्रामीणों को अच्छी सड़क और पेयजल, आंगनबाड़ी में बेहतर व्यवस्था और व्यवस्थित राशन वितरण मिलेगा, तभी विकास को सार्थक माना जाएगा।”

जिला पंचायत सामान्य सभा में पाटन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए श्रीमती कीर्ति नायक ने संबंधित विभागों से समयबद्ध कार्रवाई एवं आवश्यक लिखित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की मांग की। उनके इस रुख से स्पष्ट है कि पाटन के विकास और जनता के अधिकारों से जुड़े विषयों पर वे किसी भी स्तर पर मजबूती से आवाज उठाने और समाधान तक प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।