दुर्ग। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने गौण खनिज योजना के तहत महत्वपूर्ण पहल की है। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 16 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों की स्थापना हेतु कुल 80 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के निर्माण एवं स्थापना के लिए 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत दुर्ग विकासखंड में 9 केंद्रों के लिए 45 लाख रुपए तथा पाटन विकासखंड में 7 केंद्रों के लिए 35 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्यकारी एजेंसी के रूप में सौंपी गई है।
दुर्ग विकासखंड के ग्राम पंचायत पुरई, उमरपोटी, निकुम, बोरई, थनौद, चंगोरी, भटगांव, खपरी (कुटेला भाठा) और अरसनारा में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं पाटन विकासखंड के ग्राम पंचायत औंधी, घुघवा (ज), अमलीडीह, अमेरी, तर्रा, पचपेड़ी और नारधी में भी इस योजना के तहत केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति मिली है।
इन डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय ऑनलाइन सेवाएं, दस्तावेजों की डिजिटल प्रक्रिया, आवेदन, प्रमाण पत्र एवं अन्य ई-गवर्नेंस सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे ग्रामीणों को शहरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और डिजिटल सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित होगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को समयबद्ध और सरल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।






