पाटन ब्लॉक: पौधे लगा दिए, पैसा भी भुगतान हो गया, लेकिन पौधा के नाम पर सिर्फ सुखी टहनी दिखाई दे रही, मनरेगा से हरियाली लाने करोड़ों खर्च किए, धरातल पर कुछ और ही मंजर, कैसे हुआ बंदरबाट का खेला, पढ़िए पूरी खबर
पाटन। शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर खुद प्रशासनिक उदासीनता पानी फेर रही है। वर्ष 2024-25 में जिपं दुर्ग










