पाठकों की पाती : रोमशंकर यादव के लिखय ये छत्तीसगढ़ी कविता के माध्यम ले छत्तीसगढ़ के पहिली तिहार हरेली के गाड़ा गाड़ा बधाई
आ गे-आ गे हरेली तिहार गांव गली परत हे गोहार दाई दीवार म बनावत हे गोबर ले आनी बानी चित्र गेंड़ी म लइका मन के नाचा ल देखव विचित्र लीम










