बालोद : 22 वन्य प्राणियों का शिकार मामले में जमानत याचिका खारिज….न्यायाधीश ने कहा आरोपियों को जमानत देते तो अपराध को बढ़ावा मिलता,समाज में विपरीत प्रभाव पड़ता



बालोद।जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में वन्य प्राणियों को मारने वाले तीन शिकारियों की जमानत को निरस्त करने का निर्णय लिया । डैडी ब्लॉक के ग्राम  मथेना निवासी हेमलाल कलार (40)विजय कुमार गोंड(20) इशांत कुमार (18)ने जमानत के लिए वकील के माध्यम से कोर्ट में आवेदन किया था  । जिसे निरस्त किया गया है । अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक सनत कुमार श्रीवास्तव ने किया ।
अतिरिक्त लोक अभियोजक के अनुसार इस प्रकरण में बीट ऑफीसर इस माह पहले सप्ताह में ढूंढी रीमा जंगल में गस्त करने गया था ।इस दौरान तीन लोग काले रंग की बाइक में दो बंदूक के साथ रिजर्व जंगल में जाते हुए दिखे संदेह के आधार पर पीछा कर तीनों को पकड़ा गया तलाशी लेने पर 15 स्पॉटेड  डव ,तीन येलो फूटेड ग्रीन पीगान, एक ब्लैक विंड काइट ,दो जंगल प्लम स्क्विरल तथा एक बड़ा क्लाइव मिला । इस प्रकार कुल 22 वन्य प्राणियों के शिकार होने की पुष्टि हुई है । प्रतिबंधित पक्षी वन्य प्राणी को वन विभाग के मृत अवस्था में बरामद कर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। जांच से इसमें स्पष्ट हुआ कि  वन्य प्राणियों का शिकार कर तीनों और कहीं ले जा रहे थे अपने फायदे के लिए वर्ण प्राणियों का शिकार किया गया । 
शिकार करना अपराध की गंभीरता को बढ़ावा देता है
जमानत निरस्त का अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वन क्षेत्र में वन्य प्राणियों का शिकार करना अपराध की गंभीरता को बढ़ावा देता है , वन विभाग के अनुसार पिछले कई साल से वन्य जीवों का शिकार कर उन्हें बेचकर अवैध लैब अर्जित किया जा रहा है और पकड़े गए आरोपी नीपूर्ण शिकारी है ।