बालोद।जिले में शुक्रवार सुबह एक किसान के खेत के कुएं में गिरे तेंदुए को करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। लेकिन जैसे ही तेंदुआ बाहर आया, गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। इसके बाद तेंदुआ धान के खेत में छिप गया और शाम करीब 5 बजे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पार कर गजरु राम साहू की खेत में धान की सफल में छिपा देखा गया।
वन विभाग और प्रशासनिक टीम द्वारा आसपास के 20 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, वर्तमान में तेंदुआ जंगल की ओर चला गया है।

जेसीबी और खाट के सहारे निकाला गया तेंदुआ….
मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे किसान राम कुमार ठाकुर अपनी बाड़ी में सब्जियों को पानी देने पहुंचे थे। इसी दौरान कुएं से किसी जानवर के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। झांककर देखने पर उन्हें कुएं में तेंदुआ नजर आया। इसके बाद गांव के कोतवाल और सरपंच को सूचना दी गई। वहीं वन विभाग को जानकारी मिलते ही सुबह लगभग 8 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 12.10 बजे जेसीबी में खाट बांधकर कुएं में उतारा गया। तेंदुआ खाट पर चढ़ा और बाहर आते ही छलांग लगाकर रिहायशी इलाके की ओर भाग निकला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। अपनी ओर तेंदुए को आता देख तालाब किनारे खड़ी महिलाएं एवं बच्चे हमले से बचने के लिए तालाब में कूद गए।
भोजन एवं पानी की तलाश में गांव तक पहुंचा था तेंदुआ….
वन विभाग के अनुसार तेंदुआ करीब तीन साल का है। बालोद जिले के गुरुर, बालोद और डौंडी ब्लॉक के चट्टानी इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है। गुरुर क्षेत्र के कंकालिन और भेजा, डौंडी के मर्रामखेड़ा, बेलौदा और मलगांव, जबकि बालोद क्षेत्र के करकाभाट शक्कर कारखाना इलाके के भोलापठार की पहाड़ियों में तेंदुए अक्सर नजर आते हैं। माना जा रहा है कि भोजन एवं पानी की तलाश में यह तेंदुआ जगतरा गांव तक पहुंच गया था।

वहीं डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तैनात की गई थी। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटित हुई है एवं रात के अंधेरे में तेंदुआ अपने प्राकृतिक क्षेत्र की ओर लौट गया है। फिलहाल क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है और विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।






