पंडरिया।नगर से करीब पांच किलोमीटर दूर लोहरा(रोहरा) में आयोजित सात दिवसीय दुर्लभ सत्संग सम्पन्न हुआ।स्वामी विजयानंद गिरी महाराज द्वारा 26 जनवरी से 1 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर दो बजे से साढ़े पांच बजे तक प्रवचन किया गया ।जिसमें गांव सहित आस-पास के ग्रामीण व नगर तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचकर श्रद्धालुओ ने कथा श्रवण किया।


केशव गौशाला के संचालक विशेषर पटेल द्वारा यह आयोजन कराया गया था।प्रवचन के अंतिम दिवस बुधवार को श्री गिरी महाराज ने बताया कि दो बातों से सिद्धि होती है,पहला भगवान का नाम लेने तथा दूसरा भगवान का हो जाने से ही सिद्धि मिलती है।उन्होने कहा कि सेवा सबकी करो लेकिन केवल भगवान को अपना मानो।जिस प्रकार संसार के हर वस्तु का मालिक है।उसी प्रकार मनुष्य का मालिक भगवान है।जो सबको प्यार और दुलार करता है,भगवान सभी की चिंता करते हैं।जिस प्रकार चातक पक्षी का बारिश के पानी पीने के संकल्प के साथ चलती है,इसी तरह मनुष्य को एक इष्ट का चयन कर आस्था रखना चाहिए।

हम भगवान का नाम जपते हैं,लेकिन उनकी महिमा को स्वीकार नहीं करते है।हम सच्चे मन भगवान से पुकारेंगे तो भगवान हर समय साथ खड़े नजर आएंगे।जिस प्रकार कुछ हम कुछ पाना चाहते हैं,उसके पर नहीं मिलने पर हम व्याकुल और परेशान हो जाते हैं उसी प्रकार भगवान को पाने के लिए व्याकुल और बेचैन हो जाइए।भगवान तभी मिलेंगे।

हिंदुओं को किया आगाह-श्री गिरी ने हिंदुओं को आगाह करते हुए कहा कि हम दोनों-एक ,और हमारे एक के चलते हिंदुओं की संख्या कम होते जा रही है।हिंदुओं को सजग होकर रहना होगा अन्यथा आने वाले दिनों में हिंदुओं के लिए बड़ी कठिन परिस्थियां हो जाएगी।उन्होंने कहा कि सबके पालन-पोषण भगवान करते हैं।अपनी परेशानी को कम करने के लिए बच्चों की संख्या कम नहीं करना चाहिए।






