18 लाख आवास की आड़ में गरीबों के साथ विश्वासघात, ‘स्वीकृति’ से ‘संकल्प’ के यू-टर्न पर आई भाजपा सरकार: राकेश ठाकुर

दुर्ग। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच हुई ऐतिहासिक खुली बहस पर एक विस्तृत और बेहद तीखा बयान जारी किया है। राकेश ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि इस खुली बहस ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में भाजपा के सबसे बड़े ‘मनगढ़ंत झूठ’ का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। जो भाजपा कल तक सीना ठोककर 18 लाख आवास स्वीकृत करने का दावा कर रही थी, आज बहस की लाइव टीवी स्क्रीन पर घिरने के बाद बैकफुट पर आ गई है और अब बेशर्मी से ‘स्वीकृति’ को केवल अपना ‘संकल्प’ बताकर जनता को गुमराह कर रही है।


प्रेस विज्ञप्ति में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने सिलसिलेवार तरीके से गंभीर और विस्तृत बिंदु उठाए हैं:

  1. पहली कैबिनेट का वो ऐतिहासिक झूठ और होर्डिंग्स की नौटंकी:
    राकेश ठाकुर ने पूरे घटनाक्रम की याद दिलाते हुए कहा कि 13 दिसंबर, 2023 को भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के ठीक अगले दिन, यानी 14 दिसंबर, 2023 को कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा सहित पूरी भाजपा ने ढिंढोरा पीटा कि उन्होंने पहली ही कैबिनेट में प्रदेश के 18 लाख गरीबों के लिए आवास स्वीकृत कर दिए हैं। इस खोखले दावे को सच साबित करने के लिए छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में, चौक-चौराहों पर जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये फूंककर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और भ्रामक विज्ञापनों की बाढ़ ला दी गई। हर विज्ञापन में चिल्ला-चिल्लाकर कहा गया कि “18 लाख आवास स्वीकृत”।
  2. बहस में खुली पोल, ‘स्वीकृति’ अब बन गई ‘संकल्प’:
    राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता केवल बंद कमरों, सोशल मीडिया रील्स और एकतरफा बयानों में शेर बनते हैं। जब हमारे जननेता भूपेश बघेल जी ने इस झूठ को चुनौती दी, तो भाजपा के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को लाइव डिबेट में आना पड़ा। लेकिन जैसे ही भूपेश बघेल जी ने सरकारी दस्तावेज और कैबिनेट के प्रस्ताव सामने रखे, वैसे ही डिप्टी सीएम की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। भाजपा सरकार के पास कांग्रेस सरकार के मजबूत आंकड़ों और तर्कों का कोई जवाब नहीं था। अपनी फजीहत होते देख डिप्टी सीएम विजय शर्मा तुरंत अपने बयानों से पलट गए और एक नया शगूफा छोड़ दिया कि 18 लाख आवास तो दरअसल ‘स्वीकृत’ हुए ही नहीं थे, वह तो भाजपा का केवल एक ‘संकल्प’ था। राकेश ठाकुर ने पूछा कि अगर वह सिर्फ संकल्प था, तो पूरे छत्तीसगढ़ में ‘आवास स्वीकृत’ होने के झूठे होर्डिंग्स लगाकर जनता को ठगने का काम क्यों किया गया?
  3. गायब हुए 4 लाख आवासों का हिसाब कहाँ है?:
    राकेश ठाकुर ने बहस के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस खुली बहस में भाजपा सरकार के गणित की धज्जियां उड़ गईं। कैबिनेट के भीतर और बाहर जो आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, उसमें कभी 11 लाख तो कभी 3 लाख आवासों की ही बात सामने आ रही है। हमारे नेता भूपेश बघेल जी ने जब सीधे शब्दों में डिप्टी सीएम से पूछा कि “बाकी के 4 लाख आवास कहाँ गायब हो गए?”, तो भाजपा के पास बगलें झांकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। यह साफ तौर पर छत्तीसगढ़ के गरीबों के हक पर डाका डालने और उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने जैसी स्थिति है।
  4. छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले भूपेश बघेल के साथ खड़ी है छत्तीसगढ़ की जनता
    दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ है जब सरकार का कोई जिम्मेदार उपमुख्यमंत्री लाइव डिबेट में अपने ही विज्ञापनों और दावों से मुकर गया हो। हमारे नेता भूपेश बघेल जी ने साबित कर दिया कि वे किसी के डराने-धमकाने से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की गरीब जनता की लड़ाई को सड़क से लेकर प्रेस क्लब के मंच तक पूरी ताकत और सच्चाई से लड़ा है। दुर्ग ग्रामीण सहित पूरे प्रदेश का एक-एक कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल जी के इस सत्य की लड़ाई में उनके साथ चट्टान की तरह मुस्तैदी से खड़ा है।
    राकेश ठाकुर ने  कहा कि छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता अब इस ‘यू-टर्न और रील’ वाली सरकार की हकीकत को अच्छी तरह समझ चुकी है। सरकार अपनी इस मनगढ़ंत शब्दों की बाजीगरी को तुरंत बंद करे, झूठ बोलने के लिए प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और यह साफ-साफ बताए कि दुर्ग ग्रामीण सहित छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब भाई-बहनों को उनके सपनों का पक्का मकान वास्तव में कब तक सौंप दिया जाएगा।