भागवत श्री शब्द से अलंकृत है, सत चित आनंद की त्रिवेणी है– राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज

संजय साहू

अंडा। दुर्ग जिला और बालोद जिला के मध्य खप्परवाड़ा से 3 कि. मी. के दूरी पर श्री
विष्णु धाम महायज्ञ (मंदिर) ओटेबंद बगीचा में श्री धाम वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज के श्री मुख से श्रीमद् भागवत कथा का विशाल आयोजन ओटेबंद बगीची श्री विष्णु मंदिर के पवित्र प्रांगण मैं भागवत जी विराजमान हुई आज के पावन प्रसंग में भागवत के महत्व की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत श्री शब्द से अलंकृत है सत चित आनंद की त्रिवेणी है भक्ति ज्ञान वैराग्य की कथा में कहां की श्री धाम वृंदावन में भक्ति नृत्य करती है जीवन में मानव के जीवन में श्री भगवान की भक्ति आ जाए तो प्रभु का परम भक्त बन जाता धुंधकारी ऐसे प्रेतात्मा भी भागवत कथा श्रवण करके मुक्त हो गया इससे बड़ा मुक्ति का कोई साधन नहीं है इसलिए इसको मुक्ति साधन भी कहते हैं मानव को जीवन में भागवत कथा जरूर एक बार श्रवण करना चाहिए कथा का समय दोपहर 1:00 से लेकर के सायं 5:00 तक समस्त क्षेत्रवासी अधिक से अधिक संख्या में आकर के कथा का लाभ प्राप्त करें ।