पाटन। ग्राम सेलूद के गांधी चौक में वर्मा परिवार द्वारा स्व निहाल वर्मा की स्मृति में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के तीसरे दिवस भागवत कथा वाचक आचार्य पंडित कृष्णा नंदन महाराज ने ध्रुव चरित्र, भक्त प्रहलाद चरित्र की कथा सुनाई। इससे पहले शिव पार्वती विवाह का भी प्रसंग सुनाया। शोभायात्रा के साथ संगीतमय भजन के साथ भागवत कथा जारी है।
कथा व्यास कृष्णा नंदन महाराज ने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति और भजन की कोई उम्र नहीं होती। भक्त ध्रुव महाराज ने मात्र 5 वर्ष की आयु में भगवान को प्राप्त कर लिया। अधम से अधम जीव का भी भगवान का नाम उद्धार कर देता है। भगवान श्रीराम का चरित्र सुने बिना श्री कृष्ण के चरित्र सुनने की पात्रता नहीं होती, इसीलिए भागवत में पहले राम चरित्र और फिर बाद में श्री कृष्ण का चरित्र कहा गया है। इसी तरह भक्त प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि प्रहलाद चरित्र पुत्र एवं पिता के संबंध को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि यदि भक्त सच्चा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी उसे भगवान की भक्ति से विमुख नहीं कर सकती। राक्षस प्रवृत्ति के हिरण्यकश्यप जैसे पिता को प्राप्त करने के बावजूद भी प्रहलाद ने ईश्वर भक्ति नहीं छोड़ी। सच्चे अर्थों में कहा जाए तो प्रहलाद ने पुत्र होने का दायित्व भी निभाया। उन्होंने कहा कि पुत्र का यह सर्वोपरि दायित्व है कि यदि उसका पिता दुष्ट प्रवृत्ति का हो तो उसे भी सुमार्ग पर लाने के लिए सदैव प्रयास करने चाहिए, प्रहलाद ने बिना भय के हिरण्यकश्यप के यहां रहते हुए ईश्वर की सत्ता को स्वीकार किया और पिता को भी उसकी ओर आने के लिए प्रेरित किया। लेकिन राक्षस प्रवृत्ति के होने के चलते हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद की बात को नहीं माना। ऐसे में भगवान नरसिंह द्वारा उसका संहार किया गया। उसके बाद भी प्रह्लाद ने अपने पुत्र धर्म का निर्वहन किया और अपने पिता की सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर कथा का रसपान करने श्रीमती दुर्गा वर्मा, कुमारी नेहा वर्मा, मुख्य यजमान अनिरुद्ध वर्मा, रामेश्वरी वर्मा, श्याम वर्मा, राधा वर्मा, मीरा वर्मा, लीलावती, कांति , महावीर, अनिता, भूपेंद्र वर्मा, कुमुद वर्मा, संतोष वर्मा, अन्नू वर्मा, संजय, लता, धर्मेंद्र, प्रभा, चुम्मन, हेमलता वर्मा, रिया वर्मा, एकांश वर्मा, आदिति वर्मा, आदि वर्मा सहित ग्रामीण मौजूद रहे।







