सड़क बनाने के  लिए 86 हजार पेड़ काटे, बदले में रोपे जाने हैं 4.5 लाख पौधे, पर जगह ही नहीं….    भारतमाला प्रोजेक्ट : रायपुर से विशाखापट्टनम के लिए जंगल भी किया साफ




रायपुर।
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम के बीच सड़क बनाने के लिए घने जंगलों की कटाई की गई। इस परियोजना में अब तक 86 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि इसके बदले 4.5 लाख पौधे रोपने का प्रावधान है। लेकिन समस्या यह है कि पौधरोपण के लिए पर्याप्त जगह ही उपलब्ध नहीं है।
वन विभाग के नियमों के अनुसार, सड़क निर्माण के बदले काटे गए पेड़ों के एवज में निर्धारित अनुपात में पौधे लगाए जाने होते हैं। इसके लिए विभाग को जमीन चिन्हित करनी होती है, लेकिन कई क्षेत्रों में खाली और उपयुक्त भूमि नहीं मिल पा रही है।
हाथियों के रोड पार करने ओवरब्रिज बनाया
नई सड़क के कारण हाथियों और अन्य वन्य जीवों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए ओवरब्रिज/अंडरपास बनाए गए हैं। खासतौर पर उन इलाकों में यह व्यवस्था की गई है, जहां हाथियों का नियमित मूवमेंट रहता है।
पौधरोपण के लिए 95 करोड़ मिले केंद्र से
केंद्र सरकार से इस परियोजना के तहत 95 करोड़ रुपए पौधरोपण के लिए मिले हैं। योजना के मुताबिक विभिन्न जिलों में पौधे लगाए जाने हैं, लेकिन जमीन की उपलब्धता सबसे बड़ी बाधा बन रही है।
सीधी बात
सुनिल मिश्रा, पीसीसीएफ (वन विभाग)
खाली जगह में ही पौधरोपण संभव है, इसलिए दूसरी जगह तलाशनी पड़ रही है।
हर पेड़ काटने के बदले नियमानुसार पौधे लगाए जाएंगे।
जहां सड़क बनी है, वहां सीधे पौधे लगाना संभव नहीं, इसलिए वैकल्पिक भूमि देखी जा रही है।