रायपुर/पाटन। छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए साड़ी खरीद व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब साड़ी खरीदने के लिए निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने साड़ी खरीद की केंद्रीकृत व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया है।

सरकार का कहना है कि साड़ी खरीद में लगातार मिल रही शिकायतों, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यह फैसला लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत साड़ी खरीद के लिए निर्धारित राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में जमा की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार साड़ी चुनने की सुविधा मिलेगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, साड़ी का रंग और डिजाइन विभागीय स्तर पर तय किया जाएगा तथा इसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता बनी रहे। वहीं कपड़े की गुणवत्ता और अन्य विकल्पों का चयन स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।
बताया गया है कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म प्रदान करने का प्रावधान है। इसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि पूर्व में साड़ी खरीदी को लेकर कई विवाद सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने व्यवस्था की समीक्षा कर नई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और कार्यकर्ताओं को अपनी आवश्यकता एवं पसंद के अनुरूप साड़ी खरीदने की स्वतंत्रता मिलेगी।






