Bihar Election 2025

बिहार चुनाव के आज 243 सीट पर नतीजे आने वाले हैं। इनमें से 40 सीटें आरक्षित है। 38 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।आइए जानते हैं पिछले दो चुनाव में इन आरक्षित सीटों पर क्या नतीजे रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार खत्म होने वाला है। 243 सीटों पर किसका कब्जा होगा, यह आज तय होगा। लेकिन इन नतीजों में सबसे ज्यादा नजरें 40 आरक्षित सीटों पर टिकी हैं- जहां दिग्गजों का मुकाबला, परिवारवाद की दिलचस्प कहानियां और सियासी समीकरणों का खेल देखने को मिलेगा। इमामगंज से बाराचट्टी और सिकंदरा तक, इन सीटों पर लड़ाई सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि वर्चस्व की है। इमामगंज में जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी मैदान में हैं, तो बाराचट्टी में उनकी समधन। सिकंदरा में जीतन राम मांझी ने अपने दामाद प्रफुल्ल मांझी को दिग्गज राजद नेता विधानसभा अध्यक्ष रहे उदय नाराण चौधरी के खिलाफ मैदान में उतारा है। इस सीट पर कांग्रेस भी ताल ठोक रही है। कौन बाजी मारेगा? आज सबकी निगाहें इन्हीं सीटों पर हैं.
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से 40 सीटें आरक्षित हैं। 38 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें रामनगर, हरसिद्धि (एस.सी.), बाथनाहा, राजनगर, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, बनमनखी, मनिहारी, कोढ़ा, सिंगेश्वर-स्थान प्रखण्ड, सोनबर्षा, कुशेश्वरस्थान, बोचाहा, सकरा, भोरे, दरौली, गरखा, राजापाकर, पातेपुर, कल्याणपुर, रोसेरा, बखरी, अलौली, पीरपैंती, धौरैया, कटोरिया प्रखण्ड, राजगीर, फुलवारी, मसौर्ही, अगियाआंव, राजपुर, मोहनिया, चेनारी, मखदुमपुर, कुटुम्ब, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, रजौली, सिकंदरा शामिल है। इनमें कटिहार जिले का मनिहारी और बांका जिले का कटौरिया सीट अनुसूचित जनजातियों के आरक्षित हैं।
2020 में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे?
2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच में था। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने 125 सीटें जीती थीं। इनमें सबसे ज्यादा 74 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। जदयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीट पर सफलता मिली थी। राज्य की 110 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थीं। 75 सीटें जीतकर राजद राज्य की सबसे बड़ा दल बना था। इसके साथ ही कांग्रेस को 19, वामदलों को 16 सीट पर जीत मिली थी। इनमें 12 सीटें भाकपा (माले) और दो-दो सीटें भाकपा और माकपा के खाते में गई थीं। अन्य दलों की बात करें तो एआईएमआईएम ने पांच, बसपा, लोजपा और निर्दलीय को एक-एक सीट पर जीत मिली थी।
2020 के चुनाव में आरक्षित सीटों पर कैसा नतीजा रहा?
पिछले चुनाव में बिहार में आरक्षित सीट पर सबसे बड़ी जीत भाजपा को मिली थी। 2015 के मुकाबले 2020 में भाजपा के सीट बढ़े थे। भाजपा ने कुल 10 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस को पांच सीट ही मिली थी। राजद को 9 और जदयू की 8 सीट मिले। इसके साथ ही हम और भाकपा (माले) को 3 मिला। भाकपा और विकासशील इंसान पार्टी को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा था।
साभार अमर उजाला






