अहिवारा पालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र में हो रही है रेत की कालाबाजारी, रेत का अवैध रूप से किया जा रहा है भंडारण,   खनिज विभाग से भंडारण की नही ली है अनुमति, आखिर इन पर शासन प्रशासन क्यों है मेहरबान ?


बलराम यादव /9893363894
अहिवारा। नगर पालिका परिषद अहिवारा क्षेत्र के कई वार्ड में खाली पड़ी जमीन पर  रेत का भंडारण देखा जा सकता है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी कई गांवों में रेत का जगह जगह भंडारण कर महंगे कीमत पर बेची जा रही है। इस विषय पर जब खनिज विभाग से जानकारी जुटाई गई तो जानकारी मिली तो भंडारण की अनुमति नहीं लिया गया है। वही नगर पालिका परिषद अहिवारा के हमारे सूत्रों के मुताबिक जानकारी के अनुसार पालिका प्रशासन द्वारा रेत का भंडारण के लिए किसी को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नही किया गया है। इसके बाद भी क्षेत्र में दर्जनों स्थल पर रेत का अवैध भंडारण आखिर किसके इशारे पर हो रहा है। यह अहिवारा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक अहिवारा क्षेत्र में इन दिनों धडल्ले से रेत का कालाबाजारी देखने को मिल रही रही। शासन प्रशासन अवैध रूप मुरूम और रेत खनन पर लगातार कार्रवाई कर अंकुश लगाने में  जुटे हुए है। लेकिन इस तरह से अवैध रूप से किए जाने वाले भंडारण पर  आखिर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी किसकी है?। अब तो यह भी चर्चा में है की कुछ सफेद पोश लोगो की आड़ में कुछ ट्रेडर्स संचालक और ठेकदारो द्वारा इस तरह से कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।

बीएसपी की जमीन पर भी कब्जा
बताया जा रहा है की रेत भंडारण किए जाने के साथ साथ नंदिनी टाउनशिप में बी एस पी की जमीन पर भी कब्जा किए जाने लगा है । कई समतल जगह है जिसे रेत का भंडारण कर खराब किया जा रहा है। आखिर इन पर नजर कौन रखे यह भी सवाल अब उठने लगी है।

अवैध कार्यों कार्रवाई के लिए भाजपा के कड़े निर्देश
सूत्रों के मुताबिक जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से अवैध कार्यों पर रोक लगाने कड़े निर्देश दिए गए है। लेकिन अहिवारा क्षेत्र में इसका विपरीत असर देखने को मिल रहा है।  जानकारों का मानना है की भाजपा के शासन काल में कांग्रेस शासन काल से ज्यादा अवैध कार्य होने लगे है। इसे लेकर भी तरह तरह की चर्चा क्षेत्र में होने लगी है। अब इस क्षेत्र की जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी बनती है की क्षेत्र में हो रहे अवैध कार्यों पर नकेल कसने अधिकारियों को निर्देशित करे।

फोटो प्रतीकात्मक ( फाइल फोटो)