“उल्लास” नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के कुशल प्रशिक्षकों का विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण पाटन में सफलतापूर्वक संपन्न






पाटन।   विकासखंड साक्षरता मिशन प्राधिकरण पाटन के तत्वावधान में “उल्लास” नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के त्वरित क्रियान्वयन हेतु संकुल स्तरीय कुशल प्रशिक्षकों का एक दिवसीय विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।  विकासखंड पाटन के समस्त संकुल समन्वयक/प्रतिनिधि एवं प्रत्येक संकुल से एक शिक्षक ने (कुल 02 प्रशिक्षक प्रति संकुल) इसमें भाग लिया।
मुख्य मास्टर ट्रेनर  मोहित शर्मा और सहायक नोडल रोशन देशमुख सहित संकुल स्तरीय मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।  कार्यक्रम के मुख्य निर्देश और उद्देश्य के बारे में बताया किे  भारत सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को पूर्ण साक्षर बनाना है।  सभी नवसाक्षरों को स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा कम से कम 200 घंटे का अध्ययन-अध्यापन कार्य कराया जाना है।  नवसाक्षरों के मार्गदर्शक एवं प्रशिक्षक के रूप में कार्य करेंगे । पांच महत्वपूर्ण घटक की जानकारी दी है। मास्टर ट्रेनर  मोहित शर्मा द्वारा “उल्लास” कार्यक्रम के पाँच महत्वपूर्ण घटकों की जानकारी दी गई: बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के बारे महत्वपूर्ण जीवन कौशल (डिजिटल, वित्तीय, कानूनी, पर्यावरण साक्षरता आदि)
व्यावसायिक कौशल विकास
बुनियादी शिक्षा
सतत् शिक्षा

तकनीकी कार्य एवं प्रोत्साहन योजना-
सहायक नोडल रोशन देशमुख द्वारा प्रशिक्षकों को निम्नलिखित तकनीकी और प्रोत्साहन पहलुओं से अवगत कराया गया:
पोर्टल कार्य: उल्लास पोर्टल और उल्लास ऐप पर कार्य करने की प्रक्रिया समझाई गई।
मैपिंग: सभी असाक्षरों का चिन्हांकन कर उन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों (VT) के साथ मैपिंग करने के संबंध में जानकारी दी गई।
बोनस अंक: 10वीं/12वीं के विद्यार्थियों (VT) के लिए बोर्ड परीक्षा में बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान है। इसकी शर्त यह है कि एक VT द्वारा 10 असाक्षरों को साक्षर बनाने हेतु परीक्षा में शामिल करवाना अनिवार्य है।