पंडरिया-ब्लाक के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका कामिनी जोशी को राजधानी रायपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना करता है, बल्कि यह पूरे ब्लाक व जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
कामिनी जोशी की पहचान शिक्षा, समाज सेवा और महिलाओं के अधिकारों के प्रति उनकी जागरूकता के माध्यम से हुई है। उन्होंने लंबे समय से शिक्षा से वंचित वर्गों के लिए कार्य किया है और उनके प्रयासों ने कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उनके द्वारा चलाए गए परियोजनाएं, जैसे कि महिलाओं के सशक्तिकरण,मासिक धर्म हाइजीन फैली भ्रंतिया हेतू भी बैगा बाहुल्य क्षेत्रो में उनके द्वारा कई कार्यशाला का आयोजन कर जागरूकता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिका शिक्षा को बढ़ावा ,शालात्यागी बालिकाओ पर कार्य,आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को गोद लेकर उनकी शिक्षा निरंतर कराना,कोरोना महामारी के समय भी निरंतर ऑनलाइन क्लास लेना,एवम लर्निंग गेप हेतु मेहनत ,विज्ञान विषय सरलीकरण हेतु सरल शब्दो की स्वरचित कविताओं का सग्रहन है ।उनकी स्वरचित कविता *नथनी का चयन सोलह भाषाओं में अनुवाद हेतु राज्य* बाल साहित्य समिति द्वारा किया गया है।
समाज मे जागरुकता हेतु तथा नेत्रदान के लिए फैली भ्रांति एवम रूढ़िवादिता को दूर करने उन्होंने स्वम् मरने उपरांत अपने दोनो नेत्र दान ,तथा स्वास्थ्य एवम परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय अंग एवम ऊतक प्रत्यारोपण संगठन में अपना हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों का जरूरतमंदों हेतु दान कर मरने के बाद भी अमर वरदान का संकल्प उनके सवेंदनशील व्यक्तित्व को दर्शाता है। इन्ही सब कार्यों ने उन्हें स्थानीय स्तर पर एक आदर्श बना दिया है। उनके विचार एवम कार्य अनुकरणीय है।समाज के प्रति उनकी पहल ,जागरूकता ,अनुकरणीय है।
राज्यपाल अवार्ड का फैसला एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया है, जिसमें कामिनी जोशी के कार्यों का गहन अवलोकन किया गया। समिति ने पाया कि उनके कार्य केवल व्यक्तिगत सफलताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए परिवर्तन लाने में सहायक रहे हैं। इस पुरस्कार की घोषणा से पहले, कई स्थानीय निवासियों ने उनकी मेंहनत और समर्पण की तारीफ की है। एवम जिले ,राज्यस्तर पर उन्हें कई पुरस्कार से नवाजे गए है।
पुरस्कार समरोह राजभावन में एक भव्य आयोजन में होगा। जिसमें न केवल स्थानीय प्रशासन के लोग शामिल होंगे, बल्कि अन्य क्षेत्रों के प्रभावशाली लोग भी यहां उपस्थित रहेंगे। कामिनी जोशी को इस सम्मान के साथ-साथ प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे अपने कार्यों को आगे बढ़ाने में और अधिक प्रेरित होंगी। यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करेगा।
इस पुरस्कार के जरिए, कबीरधाम जिले की सामाजिक और शैक्षिक विकास की यात्रा को भी मान्यता मिलेगी। कामिनी जोशी का यह पुरस्कार एक उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपने निस्वार्थ प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उनके इस सम्मान से अन्य स्थानीय व्यक्तियों को भी प्रेरणा मिलेगी, जिससे वे भी अपने समुदाय के हित में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
कामिनी जोशी का यह सम्मान हमें याद दिलाता है कि प्रत्येक प्रयास, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, समाज में बड़े बदलाव ला सकता है। उनकी दृष्टि ने कई बच्चों के जीवन को बदला है ,इस प्रकार, राज्यपाल अवार्ड का यह अवसर केवल कामिनी जोशी के लिए नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले के लिए गर्व का विषय है।
इस सम्मान के मिलने पर डीईओ एफ़ आए वर्मा,
बीइइओ महेंद्र गुप्ता,बीआरसीसी अर्जून चन्द्रवँशी ,एबीईओ दीपक ठाकुर एवम पंडरिया के सभी शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त किया है।







