संवदेना कार्यक्रम, ऐरोमेटिक कोण्डानार, एवं शिल्प नगरी में चल रही गतिविधियों पर हुआ विचार मंथन

आशीष दास

कोण्डागांव । आज जिला कार्यालय के मीटिंग हाल में संवेदना कार्यक्रम ऐरोमेटिक कोण्डानार एवं शिल्प नगरी के संबंध में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमो की विस्तृत समीक्षा कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा की गई। बैठक में कलेक्टर ने संवेदना कार्यक्रम को मानसिक रोगियों के उपचार हेतु एक अहम मानवीय पहलु करार देते हुए कहा कि जिले के सभी पांच ब्लॉक में बेघर एवं विक्षिप्त लोगो की पहचान मेडिकल हेल्थ टीम द्वारा करना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा गांव के पंचायतो के सचिवों को भी इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जिससे की वे मानसिक विकार ग्रस्त लोगो को कम से कम मुख्यालय तक पंहुचाये ताकि मुख्यालय में उनका उपचार सही समय और तरीके से हो सके । इस मुहिम में शिक्षकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 1254 मरीजो की स्क्रीनींग की जा चुकी है। इनमें से 1070 को दवाइयां दी जा रही है और 733 मरीजो की काउंसलिग हो गई है। साथ ही प्रथम स्तर पर फॉलोअप करने वाले मरीजो की संख्या 825, द्वितीय स्तर पर 629 तथा तीसरे स्तर पर 453 मरीजो को फॉलोअप किया गया है। आंशिक रूप से बेहतर परिणाम वाले मरीजो की संख्या 658 तथा 100 प्रतिशत बेहतर परिणाम वाले मरीजो की संख्या 23 पाई गई। इसी प्रकार जिले के सभी ब्लॉको में 425 साइकिक मरीज एवं डिप्रेशन और एन्जाइटी मरीजो की संख्या 281 तथा अन्य मानसिक मरीजो की संख्या 119 दर्ज की गई।

इसी प्रकार ऐरोमेटिक परियोजना के बारे में बैठक में बताया गया कि जिल में 125 एकड़ भूमि पर सुगंधित फसलो की कृषि की जा रही है इन ग्रामो में कोकोड़ी, बम्हनी, करियाकटा, संबलपुर, राजागांव, गम्हरी, मुनगापदर के कृषक शामिल है। इनमें मुख्यतः लेमन ग्रास और पचौली जैसे सुगंधित फसल है। इस संबंध में कलेक्टर ने कहा कि तैयार फसलो को शीघ्र हार्ब्रेसटिंग कराकर कृषको को उनके फसलो का मुल्य पंहुचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस प्रकार अन्त में शिल्प नगरी के उन्नयन हेतु कलेक्टर द्वारा विभिन्न निर्देश एवं सुझाव भी दिये गये। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीइओ प्रेम प्रकाश शर्मा, कार्यक्रम प्रबंधक राज शेखर रेड्डी, सीओना, शिवा उपस्थित थे।