पाटन।विकासखंड पाटन के विकासखण्ड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) गुनेश्वर प्रसाद वर्मा ने शासकीय प्राथमिक शाला-चंगोरी का शैक्षणिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा में पहुँचकर विद्यार्थियों की पठन क्षमता, गणितीय दक्षता, अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालयीन वातावरण का गहन अवलोकन किया। विद्यालय में विद्यार्थियों की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों एवं अनुशासित वातावरण को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान श्री वर्मा ने बच्चों से धारा प्रवाह पठन कराया, प्रश्न पूछे तथा गणितीय दक्षता की जांच की। अधिकांश विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सहज एवं स्पष्ट रूप से धारा प्रवाह पठन किया तथा 20 तक के पहाड़े भी बिना किसी कठिनाई के सुनाए। विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, अनुशासन, संस्कार एवं सीखने के प्रति उत्साह देखकर उन्होंने कहा कि “हर विद्यार्थी में धारा प्रवाह पठन की क्षमता विकसित होना ही शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।”
उन्होंने विद्यालय के प्रधान पाठक विरेन्द्र कुमार साहू एवं सहायक शिक्षिका योगेश्वरी वर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों शिक्षकों के समर्पण, सतत प्रयास एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण के कारण विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में उत्कृष्ट संस्कार, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का विकास हो रहा है।
बीआरसी श्री वर्मा ने विशेष रूप से कहा कि प्रधान पाठक विरेन्द्र कुमार साहू ने समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए जनसहयोग से बच्चों के लिए विविध शैक्षणिक सामग्री एवं आवश्यक भौतिक संसाधन एकत्रित कर प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों के बौद्धिक, शैक्षणिक, नैतिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक विकास किया।
निरीक्षण के उपरांत श्री वर्मा ने कहा कि “जिस प्रकार शासकीय प्राथमिक शाला-चंगोरी शिक्षक वीरेंद्र साहू द्वारा स्वच्छ, अनुशासित, संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का निर्माण किया गया है, उसी प्रकार का वातावरण दुर्ग जिले ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के प्रत्येक विद्यालय में निर्मित होना चाहिए। यदि प्रत्येक विद्यालय में समुदाय का सहयोग, शिक्षकों का समर्पण और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता इसी प्रकार बनी रहे, तो निश्चित ही प्रदेश की शिक्षा नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी।”
अंत विद्यालय के उत्कृष्ट कार्यों की शिक्षा विभाग, अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय ने भी मुक्तकंठ से सराहना की।






