बटंग के स्कूलों का बीआरसी ने किया निरीक्षण, बच्चों की बुनियादी दक्षता परखी

पाटन। विकासखण्ड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) गुनेश्वर प्रसाद वर्मा ने शनिवार को बटंग के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े, हिंदी एवं अंग्रेजी पठन की जांच कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

शासकीय प्राथमिक शाला बटंग में आयोजित बस्तामुक्त शनिवार कार्यक्रम के दौरान बीआरसी गुनेश्वर प्रसाद वर्मा, हाई स्कूल की प्राचार्य सुनीता श्रीवास्तव, संकुल समन्वयक ब्रह्मानंद नायक, प्रधान पाठक कृष्णकुमार शर्मा तथा जनप्रतिनिधियों ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से 20 तक के पहाड़े एवं धाराप्रवाह हिंदी पठन की जांच की। अधिकांश विद्यार्थियों ने संतोषजनक प्रदर्शन किया, जिस पर बीआरसी वर्मा ने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

बीआरसी ने विद्यालय की स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने विद्यालय परिसर में तैयार किए गए प्रिंट-रिच वातावरण और जनसहयोग से किए गए विकास कार्यों की सराहना की। शाला प्रबंधन समिति एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी प्रधान पाठक की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए विद्यालय के समग्र विकास के लिए शुभकामनाएं दीं।

इसके बाद बीआरसी ने पूर्व माध्यमिक शाला का निरीक्षण कर कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों की 25 तक के पहाड़े एवं अंग्रेजी पठन की दक्षता जांची तथा शिक्षकों को निर्धारित समय में सभी बच्चों को दक्ष बनाने के निर्देश दिए। विद्यालय में बस्तामुक्त दिवस के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की गईं। कारगिल विजय दिवस की स्मृति में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए पोस्टरों की भी उन्होंने सराहना की।

हाई स्कूल बटंग में निरीक्षण के दौरान बीआरसी ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति, अनुशासित अध्ययन और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी विषयों में दक्षता प्राप्त करने तथा घर पर प्रभावी ढंग से अध्ययन करने के उपाय भी बताए। निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों में शिक्षक उपस्थित मिले तथा शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती पाई गईं।