दिन में छात्र-छात्राओं से गुलजार, रात में मयखाने में तब्दील हो जाता है कॉलेज मैदान,  रानीतराई कालेज में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सुबह मैदान में बिखरी मिलती हैं शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल

पाटन। शासकीय कॉलेज रानीतराई का मैदान दिन के समय छात्र-छात्राओं की चहल-पहल से गुलजार रहता है, लेकिन शाम ढलते ही यहां का नजारा बदल जाता है। आरोप है कि रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने से कॉलेज परिसर मयखाने में तब्दील हो जाता है। सुबह कॉलेज पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को मैदान में पड़ी शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल सहित अन्य कचरा साफ करना पड़ता है।

बताया जा रहा है कि कॉलेज परिसर में पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण बाहरी लोगों का प्रवेश आसानी से हो जाता है। शाम होते ही मैदान में असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कॉलेज से महज 2 किलोमीटर दूर शराब दुकान

स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलेज से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर शराब दुकान संचालित है। ऐसे में शाम के बाद कॉलेज मैदान में शराबखोरी की शिकायतों को लेकर कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन से निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठ रही है।

छात्रों का कहना है कि जिस मैदान में दिन में पढ़ाई और खेल गतिविधियां होती हैं, वहां सुबह शराब की बोतलें और डिस्पोजल पड़े मिलना कॉलेज के माहौल के लिए उचित नहीं है। कॉलेज परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण के साथ शाम के समय निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और शाम के बाद अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।