मटंग गाँव के लोगों को जन जागरुक कर नशे से होने वाले नुकसान से अवगत करा रहे है



पाटन। राष्ट्र‌ीय सेवा योजना सात दिवसीय विशेष शिविर
चौथा दिवस विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस, प्रतिदिवसानुसार प्रभातफेरी, योग मेडिटेशन, प्रेरक विचारो के साथ प्रारंभ हुआ। परियोजना कार्य के अंतर्गत गहन स्वच्छता कार्यक्रम
हुआ  स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत संस्कार स्वच्छता स्वभाव स्वच्छता थीम पर आधारित इल कार्यक्रम का आरंभ प्राथमिक शाला परिसर मटंग  से हुआ। स्वयंसेवको द्वारा  स्वल्पाहार व भोजन  मुख्य चौक एवं तालाबों के पचरी के साफ-सफाई ,भाठापारा के गलियो की सफाई, तालाब के किनारों , आंगन बाड़ी के परिसर की सफाई चौक की सफाई, सहाडा देव, सार्वजनिक से मंच के आस- पास सफाई का कार्य किया ।

बौद्धिक  परिचर्चा का प्रारम्भ  दोपहर के भोजन के उपरांत हुआ जिसके  मुख्य अतिथि को श्रीमान योगेश निक्की भाले, अध्यक्ष  नगर पंचायत पाटन ,अध्यक्ष जनभागीदारी समिति कार्यक्रम की अध्ययता डॉ नंदा गुरुवारा, प्राचार्य महाविद्यालय  पाटन , विशिष्ट आतिथ्य के रूप में श्री देवेन्द्र ठाकुर, श्री चन्द्र प्रकाश देवांगन  श्री केवल देवांगन सदस्य जनभागीदारी सदस्य  ,प्रो. वी.एम. साहू , डॉ गौरव शर्मा  अतिथि के रुप में विजामान हुए ।

मुख्य अतिथि श्री भाले जी ने अपने उद्बोधन में अपने  जीवन की संघर्ष की कहानी स्वयं सेवकों बतलाकर प्रेरणा प्रदान किया  ।व्यक्तित्व विकास कैसे करे इस विषय पर सविस्तार जानकारी देते हुए स्वयं सेवको को मार्गदर्शन दिया वही कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए सभी को बधाई प्रेषित किया । प्राचार्य श्रीमती डाँ नंदा गुरुवारा ने स्वयंसेवकों के बौद्धिक परिचर्चा , योग, व्यायाम ,साफ सफाई , सांस्कृतिक कार्यकम की प्रशंसा किया । विशिष्ट अतिथि डाँ गौरव शर्मा  ने युवा को नशा से शरीर मे होने वाले दुष्परिणाम से ध्यानाकर्षण करते हुए प्रौद्योगिकी एवं आई टी के जोड़ते हुए व्यापार एवं बाजार से जोड़ा। अंत में अर्थक्रम में धन्यवाद व आभार व्यक्त  डॉ एस. के. भारती ने किया
सभी अतिथियों सहित स्वयं  सेवकों को टी-शर्ट, कैप एवं गलब्स का वितरण किया गया ।

          बौदिक चर्चा के पश्चात  स्वयंसेवकों ने गामीण संपर्क के लिए निकल कर ग्रामीण से स्वास्थ्य, नशा, स्वच्छता, शिक्षा, यातायात संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र किया ।शाम  7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें स्वयं सेवको ने स्वच्छता संबंधी नृत्य कर आमजन को मंत्रमुग्ध किए।