चरितार्थ हुआ “भूपेश हैं तो भरोसा है” , मांगों तो मिलता हैं उम्मीद से दुगुना, सौंदर्यीकरण के लिए 20 लाख मांगा तो सीएम ने दिए एक करोड़
बालोद ।”भूपेश हैं तो भरोसा है” ये लाइन उन तमाम सभी लोगों पर सटीक बैठती है, जो उम्मीद और आस लगाए बैठे है, की हम अगर हमारे मुखिया के समक्ष.










